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समाचार 

२० मई २०१७ को श्रद्देय स्वामीजी ने गोदावरी स्नान किया-
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी अतिरुद्र यज्ञ को अनुग्रहित करने के लिये राजमुन्दरी गये। इससे पहले श्रद्देय स्वामीजी ने कोव्वूर मे गोदावरी स्नान किया।

२० मई २०१७ को श्रद्देय स्वामीजी राजमुन्दरी मे अतिरुद्र - सहस्र चण्डी यज्ञ को अनुग्रहित किया-
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने राजमुन्दरी , आन्द्र मे २० मई को अतिरुद्र -सहस्र चण्डी यज्ञ को अनुग्रहित किया।


श्रद्देय पूज्यश्री विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी का अनुग्रह भाषण - गुरु समर्पन तिरुपुगल इसै विला -२२ अप्रेल २०१७(विडियो) https://youtu.be/0psemPmKA-4 श्रीमती मालती जयराम ,कुंभकोणम द्वारा दिया गया वीडियो


स्वामीमलै मे अप्रेल २०१७ को आयोजित वेद पारायण http://www.kamakoti.org/kamakoti/news/2017/Swamimalai-Veda-Parayanam-Apr-2017.html


श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ७ मई ,६ बजे सायंकाल जी के शेट्टी, स्कूल अम्बत्तूर के वैदिक कार्यक्रम को अनुग्रहित करेंगे।श्रद्देय स्वामीजी ,श्रीमठ से सायंकाल ४.३० प्रस्थान करेंगे एवं ९.३० बजे वापस आयेंगे। मंजपर मोहन एवं पार्टी ,श्रीमठ कैप मे सायंकाल ३ बजे से भजन प्रस्तुत करेंगे

३० अप्रेल २०१७ को सासंकृतिक कार्यक्रम -
३० अप्रेल २०१७ को श्रद्देय पूज्यश्री विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने वेल्स स्कूल मे आयोजित कुरै ओन्रुम इल्लई नामक सत्संग को अनुग्रहित किया।छात्रों ने इस कार्यक्रम मे नाम संकीरतन एवं संगीत कार्यक्रम प्रस्तुत किया।श्रद्देय स्वामीजी ने अनुग्रह भाषण दिया।

३० अप्रेल २०१७ को शंकर जयंती पर मंदिरों के डेटा पर एक पुस्तक विमोचन -
तिरुक्कोयिल वलिपाडू कूलू- मंदिरों के डेटा पर ८ भाग पुस्तक का विमोचन- श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने आठ भाग पुस्तक शृंखला का विमोचन किया।इसमे काँचीपुरम जिले के काटांकुलत्तुर पट्टम के मंदिरों के विशय मे बताया गया है।श्री कन्नण , इस प्रोजेक्ट के मुख्य अधिकारी एवं श्री पम्मल विश्वनाथनजी तिरुक्कोयिल वलिपाडू कूलू के संयोजक ने श्रद्देय स्वामीजी से इस अवसर पर आशीर्वाद लिया।

३० अप्रेल २०१७ को शंकर जयंती महोत्सव का जुलूस
श्री आदी शंकर जयंती , तोरैपाक्कम के श्रीमठ कैप मे श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी के दिव्य उपस्तिथी मे धूम धाम से मनाया गया।श्री आदी शंकरा का दिव्य मूर्ती सज्जित रूप से पालकी मे रखा गया एवं जुलूस के लिये ले जाया गया। श्रद्देय स्वामीजी के अध्यक्ष्ता मे नादस्वरम,वेद जाप,विश्णु सहस्रनाम पारायण, महा जगत्गुरू श्री आदी शंकरा पर भजन एवं नाम संकीरतन किया गया।यह जुलूस , श्री गंगा अम्मन मंदिर ओ एम आर से प्रारंभ होके श्री शंकरा मेट्रिकुलेशन स्कूल तोरैपाक्कम मे समाप्त हुआ।भक्तजनों ने उत्साह पूर्वक इसमे भाग लिया एवं श्री आदी शंकरा के अनेक योगदानों को याद किया।राहगीरों एवं दर्शकों ने भी इससे सम्मान के साथ देखा। जुलूस के कैप पहुँचने के पश्चात , तोटकाष्टकम् बोला गया एवं आरती किया गया।


३० अप्रेल २०१७ को श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी का शंकर जयंती के अवसर पर दिया गया अनुग्रह भाषण एवं वार्षिक वी आर एन टी पूर्ती परीक्षा सर्टिफ़िकेट वितरण का आडियो। www.kamakoti.org/kamakoti/audio/Anugraha-Bhashanam-Shankara-Jayanti-Poorthi-Pariksha.mp3

२४ अप्रेल २०१७ को अयोध्या मण्डप मे शंकर जयंती
श्रद्देय पूज्यश्री श्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने वेस्ट माम्बलम के अयोध्या मण्डप मे आयोजित शंकर जयंती महोत्सव को अनुग्रहित किया।इसका आयोजन जगत्गुरू वेद पारायण ट्रस्ट ने किया था। श्रद्देय स्वामीजी के उपस्तिथि मे प्रतिष्ठित कल्वैट्ट वरम परीक्षा मे उत्तीर्ण किये हुए वैदिक विद्वानों को सम्मानित किया गया।श्रद्देय स्वामीजी ने आदी शंकराचार्य विग्रहमूर्ती की अर्चना की एवं भक्तजनों को आशीर्वाद एवं अनुग्रह भाषण दिया।भाषण - http://www.kamakoti.org/kamakoti/news/2017/Anugraha-Bhashanam-Shankara-Jayanti.mp3

१ मई को श्रद्देय स्वामीजी कोल्हापुर महालक्ष्मी मंदिर गये।
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी , कोल्हापुर ,महाराष्ट्र के श्री महालक्ष्मी मंदिर गये । देवी को स्वर्ण पालकी दिया गया।श्रद्देय स्वामीजी ने भ,गवाह की पूजा की।

१ मई को श्रद्देय स्वामीजी शंकर जयंती महोत्सव के लिये भोपाल गये -
श्रद्देय स्वामीजी ने भोपाल , मद्यप्रदेश मे आयोजित शंकर जयंती महोत्सव को अनुग्रहित किया। इस महोत्सव का आयोजन मद्य प्रदेश सरकार द्वारा श्री आदि शंकराचार्यजी के जयंती को मनाने के लिये रखा गया था।श्रद्देय स्वामीजी ने अनुग्रह भाषण दिया।

१ मई २०१७ को मीन्जूर एवं पुरसैवाक्कम के मंदिरों की यात्रा-
१ मई २०१७ को सायंकाल ४ से ८ बजे तक श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी मीन्जूर के श्री कामाक्षी अम्बाल समेत श्री एकाम्बरनाथ स्वामी एवं पुरसैवाक्कम के श्री पादाल पोन्नियम्मन मंदिर गये।

श्रीमठ कैप ,३० मई २०१७ तक तोरैपाक्कम मे रहेगी-
दोनो पूज्यश्री आचार्य श्री शंकरा स्कूल ,तोरैपाक्कम , चेन्नई मे मई के अंत तक कैप करेंगे। स्थान-https://goo.gl/maps/GiX3T2n5HqJ2

सन् १९४९ का एक लेख - शंकर जयंती की महिमा पर-
http://www.kamakoti.org/kamakoti/articles/Veda%20Dharma%20Shastra%20Paripalana%20Sabha%20Sankara%20Jayanthi.html

महास्वामिगल द्वारा श्री शंकर जयंती की विशेषता
श्रद्देय पूज्यश्री चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती महास्वामिगल - काँची कामकोटी पीठ के ६८ वे शंकराचार्य द्वारा श्री शंकर जयंती की महिमा पर अनुग्रह भाषण- - http://www.kamakoti.org/souv/1-1.html

आदी शंकरा के विशय मे पड़े -
* ९ लिपियों मे स्तोत्र * जीवन का इतिहास * बच्चों के लिये चित्र आदि शंकरा * शंकरा का दिग्विजय - नक़्शा * भारतीय एवं विदेशी भाषाओं मे प्रश्नोत्तर रत्न मालिका * शंकरा पर लेख अधिक जानकारी के लिये - http://www.kamakoti.org/kamakoti/details/Adi%20Sankara%20Focus.html

भारत क्यू आर स्कान ,दान करने के लिये ,अब kanchimuttseva.org पर-
भक्तजनों को मठ के विभिन्न सेवाओं के लिये आनलाइन रूप मे निर्बाध रूप से योगदान की सुविधा प्रदान करने के लिये , भारत क्यूँ आर कोड के माध्यम से स्कान करके दान करने का विकल्प डाला गया है - विवरण https://kanchimuttseva.org/contributebharatqr.php

२९ अप्रेल २०१७ को श्रद्देय स्वामीजी पालघाट केरल मे थे-
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,पालघाट केरल गये। श्रद्देय स्वामीजी श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर कल्पाती ,पालघाट गये। इससे पहले नूरानी के भक्तों को आशीर्वाद दिया।


श्री शंकर जयंती -३० अप्रेल २०१७ श्री शंकर जयंती कार्यक्रम के अंतर्गत श्रीमठ कैप ,चेन्नई मे प्रात: काल ७.३० बजे चतुर्वेद पारायण प्रारंभ होगा। ११.३० बजे पारायण पूर्ती ,श्री शंकराचार्य अवतार घट्ट पारायण किया जायेगा। संध्याकाल को आचार्य का अभिषेक किया जायेगा। उसके पश्चात् जुलूस , विभिन्न श्लोक एवं तोटकाष्टकम् जैसे स्तोत्र बोला जायेगा। पूज्यश्री आचार्य श्री शंकर पाठशाला ,तोरैपाक्कम ,चेन्नई मे मई २०१७ के अंत तक रहेंगे। Location - https://goo.gl/maps/GiX3T2n5HqJ2

२२ अप्रेल २०१७ को संगीत मुम्मूर्ती विला -
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने श्री काँची कामकोटी कर्नाटक मुम्मूर्तीगल ट्रस्ट एवं श्री काँची कामकोटी मुंमूरतिगल सेवा समिति द्वारा आयोजित संगीत मुम्मूर्ती विला को अनुग्रहित किया।

तिरुपुगल गायन
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने तिरुपुगल अनबरगल कमेटी द्वारा आयोजित अखण्ड पारायण कार्यक्रम को अनुग्रहित किया।श्रद्देय स्वामीजी ने अपने अनुग्रह भाषण मे कहा की तिरुपुगल गायन से मनुष्य उत्तम रूप मे नाम, प्रसिद्धि प्राप्त करता है एवं कुमारस्वामी का भरपूर अनुग्रह प्राप्त करता है।

२८ अप्रेल २०१७ को श्रद्देय स्वामीजी तिरुचूर के वडकुनादर मंदिर गये
२८ अप्रेल २०१७ को श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी तिरुचूर के वडकुनादर मंदिर गये।शिवगुरु - आर्यम्बा ने श्री वडकुनादर स्वामी की पूजा की एवं दिव्य बालक श्री आदी शंकराचार्य को प्राप्त किया।

२८ अप्रेल २०१७ को श्रद्देय स्वामीजी गुरुवायूर के वेंकिटाचलपती मंदिर गये
२८ अप्रेल २०१७ को श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी गुरुवायूर के वेंकिटाचलपती मंदिर गये।

२७ अप्रेल २०१७ को श्रद्देय स्वामीजी गुरुवायूर के पार्थसारती मंदिर गये
२७ अप्रेल २०१७ को श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी गुरुवायूर के पार्थसारती मंदिर गये।

श्रद्देय स्वामीजी आदी शंकर जन्म क्षेत्र ,कालडी गये
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी श्री आदी शंकर जन्म क्षेत्र , कालडी ,केरल गये।श्रद्देय स्वामीजी ,आदी शंकर कीर्ती स्तंभ मण्डप गये एवं श्री आदी शंकराचार्य स्वामी की पूजा की।

२८ अप्रेल २०१७ को अक्षय त्रितिय समर्पन
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने २८ अप्रेल २०१७ को अक्षय त्रितिय के अवसर पर गुरुवायुरप्पन स्वामी को स्वर्ण बाँसुरी एवं स्वर्ण मोर पंख ,समर्पन किया।


२७ अप्रेल २०१७ को श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी २७ अप्रेल को गुरुवायूर मंदिर गये।


नई दिल्ली मे ३० अप्रेल २०१७ को देवी कामाक्षी मंदिर मे शंकर जयंती महोत्सव मनाया जायेगा ।

२ मई से २७ अप्रेल २०१७ तक आचार्य की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी , २७ अप्रेल २०१७ को कोचिन पहुँचे , तत्पश्चात् गुरुवायूर पधारेंगे। २८ अप्रेल कार्यक्रम - गुरुवायुरप्पन स्वामी को स्वर्ण बाँसुरी एवं स्वर्ण मोर पंख ,समर्पन किया जायेगा। अप्रेल २९ - रामनाथपुरम वेद पाठ शाला ,पालक्काड अप्रेल ३०-कलपाटी ,केरल मे कुंबाभिषेक दोपहर- शंकर जयंती के अवसर पर कालडी स्तूपी से जुलूस का उद्घाटन अप्रेल ३० -५ बजे भोपाल के लिये रवाना मई १- प्रात: ११ बजे- श्रद्देय स्वामीजी मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित आदी शंकर जयंती समारोह को अनुग्रहित करेंगे । मई १- संध्या काल - कोलापुर ( महाराष्ट्र ) ५ बजे - श्रद्देय स्वामीजी के आशीर्वाद से कोलापुर के भक्तों द्वारा महालक्ष्मी माता को स्वर्ण पालकी दान करेंगे । मई २ - मंदिर मे प्रात: काल अभिषेक संध्याकाल - श्रद्देय स्वामीजी चेन्नई मे तोरैपाक्कम के श्रीमठ कैप पधारेगे ।


श्रीमठ कैप अभी चेन्नई के शंकर पाठशाला ,विवेकानन्दर स्ट्रीट, ओक्कियमपेट, तोरैपाक्कम मे है। बस का रास्ता- स्टांप -ओक्कियमपेट ,तोरैपाक्कम कोयमपेड-५७०-सी एम बी टी- केलम्बाक्कम


श्री काँची कामकोटी पीठ ,वेंकटेश्वर स्वामी देवस्थान ,लब्बिपेट ,विजयवाडा मे २ से ३ मई २०१७ तक श्री शंकर जयंती शास्त्र सभा का आयोजन किया गया है।

पुरी मे २८ से ३० अप्रेल २०१७ को काँची मठ मे श्री शंकर जयंती
पुरी के श्री काँची कामकोटी पीठ शंकर मठ मे २८ से ३० अप्रेल २०१७ तक श्री शंकर जयंती मनाया जायेगा।


भक्तजनों को मठ के विभिन्न सेवाओं मे आनलाइन रूप से योगदान करने हेतु अवसर प्रधान करने के लिये , श्रद्देय स्वामीजी के आशीर्वाद से https://kanchimuttseva.org/ प्रारंभ किया गया है। सेवाओं का विवरण , दान के तरीक़े इसमे उपलब्ध हैं।भक्तजन लाग इन करके अपने योगदान को रिकार्ड कर सकते हैं। अभी केवल ५ सेवाओं के लिये योगदान लिया जायेगा, भविष्य मे इसे बढ़ाया जायेगा।

पूज्यश्री आचार्य ,२२ अप्रेल २०१७ को चेन्नई मे कार्यक्रम को अनुग्रहित करेंगे -
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी तिरुपुगल अनबरगल द्वारा आयोजित अखण्ड तिरुपुगल कार्यक्रम को अनुग्रहित करेंगे। यह २२ अप्रेल २०१७ को हेमामालिनी कल्याण मन्डप मे सायंकाल ४ बजे आयोजित किया गया है। उसके बाद सायंकाल ६ बजे ,श्रद्देय पूज्यश्री शंकर जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी टी नगर के वानी महल मे संगीत मुम्मूर्ती तिरुविला को अनुग्रहित करेंगे।


स्वामीमलै श्री स्वामीनाथ स्वामी मंदिर मे ४ मार्च २०१७ से १ अप्रेल २०१७ तक आयोजित वेद पारायण- http://www.kamakoti.org/kamakoti/news/2017/Swamimalai-Veda-Parayanam-Mar-2017.html


श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी का नेरकुन्ड्रम ,चेन्नई मे १९ अप्रेल २०१७ को दिया गया अनुग्रह भाषण - www.kamakoti.org/kamakoti/news/2017/HH@Nerkundram-Anugraha-Bhashanam.mp3

तिरुवन्नामलई मे जयंती महोत्सव
श्री शंकर मठ ,तिरुवन्नामलई मे श्री आदी शंकर जयंती महोत्सव २४ से ३० अप्रेल २०१७ तक मनाया जायेगा।वेद पारायण, विभिन्न हवन,उपन्यास एवं धार्मिक और सासंकृतिक कार्यक्रम किया जायेगा।

२४ अप्रेल २०१७ से श्रीमठ कैप चेन्नई मे रहेगा-
२४ अप्रेल २०१७ से श्रीमठ कैप ,तोरैपाक्कम के श्री शंकरा मेट्रिकुलेशन स्कूल मे श्री शंकर जयंती तक रहेगा।दोनो पूज्यश्री आचार्य श्री तिरपूरसुन्दरी समेत चन्द्रँमौलीश्वर पूजा करेंगे एवं भक्तजनों को आशीर्वाद देंगे । https://goo.gl/maps/GiX3T2n5HqJ2

तिरुवन्नामलई मे जयंती महोत्सव
श्री शंकर मठ ,तिरुवन्नामलई मे श्री आदी शंकर जयंती महोत्सव २४ से ३० अप्रेल २०१७ तक मनाया जायेगा।वेद पारायण, विभिन्न हवन,उपन्यास एवं धार्मिक और सासंकृतिक कार्यक्रम किया जायेगा।

२४ अप्रेल २०१७ से श्रीमठ कैप चेन्नई मे रहेगा-
२४ अप्रेल २०१७ से श्रीमठ कैप ,तोरैपाक्कम के श्री शंकरा मेट्रिकुलेशन स्कूल मे श्री शंकर जयंती तक रहेगा।दोनो पूज्यश्री आचार्य श्री तिरपूरसुन्दरी समेत चन्द्रँमौलीश्वर पूजा करेंगे एवं भक्तजनों को आशीर्वाद देंगे ।

श्रद्देय स्वामीजी १४ अप्रेल २०१७ को कामाक्षी अम्मन मंदिर गये-
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,१४ अप्रेल २०१७ नववर्ष(हेविलम्बी) के दिन श्री कामाक्षी अम्मन मंदिर गये।

काँची के श्री एकाम्बरनाथ स्वामी का रथोत्सव -
काँची के श्री एकाम्बरनाथ स्वामी का रथोत्सव ५ अप्रेल २०१७ को ब्रह्मोत्सव के अवसर पर किया गया।दोनो आचार्यों ने इस इस रथोत्सव को श्रीमठ के पास देखा और प्रार्थना भी किया।इस विशाल रथ को असंख्य भक्तों ने चारों राज वीदी मे से खींचा।

श्री कामाक्षी अम्बाल मंदिर मे अप्रेल २०१७ को तेप्पोत्सवम
श्री कामाक्षी अम्बाल मंदिर ,काँचीपुरम मे ७ अप्रेल को तेप्पोत्सवम था।यह कार्यक्रम श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी के उपस्थिति मे किया गया।असंख्य भक्तजनों ने इसमे भाग लिये।

कामाक्षी मंदिर, नई दिल्ली मे वसंत नवरात्री-
श्री महा गणपति ,श्री देवी कामाक्षी के अनुग्रह एवं दोनो आचार्यों के आशीर्वाद से श्री देवी कामाक्षी मंदिर मे २८ मार्च २०१७ ,मंगलवार से ४ अप्रेल २०१७ ,मंगलवार तक वसंत नवरात्री मनाया गया। वसंत नवरात्री के समय विशेष हवन, एवं तिरुविलक्कु पूजा किया गया।सन्ध्याकाल को नववर्ण पूजा एवं विशेष अलंकार किया गया। ४ अप्रेल २०१७ ,श्री राम नवमी के दिन नव चण्डी हवन किया गया। वसंत नवरात्री के समय ,मंदिर दोपहर १२ बजे तक खुला था।


१३९ वाँ विशेष उपन्यास का आयोजन वेद धर्म शास्त्र परिपालन सभा द्वारा १ अप्रेल २०१७ को श्री गणेश अय्यर के निवास स्थान पर संध्या ४ से ६ बजे तक किया गया। ९८८४५६२२०४-स्थान:३२/७१,ईस्ट कोस्ट फ्लाट्स ,बी ९-तीसरी मंज़िल ,गांधी नगर,सेकन्ड मेइन रोड,अभयारण्य,चेन्नई-६०००२० उपन्यास का विशय था-विवाह धर्म, उपन्यासकार थे -ब्रह्मश्री डाँ के वी शेशाद्रीनाथ शास्त्रीगल,चेन्नई संस्कृत कालेज के पूर्व प्रधानध्यापक थे। यह कार्यक्रम फ़ेसबुक मे "वेद धर्म शास्त्र परिपालन" एवं यूट्यूब पर "वेद धर्म शास्त्र परिपालन सभा" नाम से देखा जा सकता है।


४ अप्रेल २०१७ को श्री राम नवमी के अवसर पर श्रीमठ मे पूजाएँ किये जायेंगे।५ अप्रैल को राम पट्टाभिषेक होगा।


श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी का श्री कालहस्ती के महा कुंबाभिषेक के अवसर पर दिया गया अनुग्रह भाषण https://youtu.be/QTpqpR_7bq4

श्री एकाम्बरनाथ मंदिर ,काँचीपुरम मे ब्रह्मोत्सव -
काँचीपुरम के श्री एकाम्बरनाथ स्वामी मंदिर मे ३१ मार्च २०१७ को वार्षिक ब्रह्मोत्सव प्रारंभ हुआ।यह प्रतिवर्ष ,तमिल के पंगुनी मास मे मनाया जाता है।

श्रीमठ मे अप्रेल २०१७ की विशेष पूजाएँ -
१-३ वसंत नवरात्री पूजा ४ मंगलवार-श्री राम नवमी ५ बुधवार-श्री राम पट्टाभिषेक ८ शनिवार-प्रदोष पूजा १० सोमवार-पूर्णिमा पूजा १४ शुक्रवार-तमिल नववर्ष प्रारंभ २४ सोमवार-प्रदोष पूजा ३० रविवार-श्री शंकर जयंती ७,१४,२१,२८-शुक्रवार पूजा

३० मार्च २०१७ को श्री कामाक्षी अम्बाल को स्वर्ण सिंह वाहन मे ले जाया गया-
श्री कामाक्षी अम्बाल मंदिर का मण्डलाभिषेक ३० मार्च को हुआ था।संध्याकाल को श्री कामाक्षी अम्बाल को स्वर्ण सिंह मे चारों वीधीयों मे ले जाया गया।

३० मार्च २०१७ को श्री कामाक्षी अम्बाल मंदिर मे मण्डलाभिषेक होगा
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी के दिव्य उपस्थिति मे ,३० मार्च २०१७ को श्री कामाक्षी अम्बाल मंदिर मे मण्डलाभिषेक होगा।प्रात: काल ५.३० को पूजा प्रारंभ होगा। संध्याकाल मे सहस्रकलशाभिषेक होगा,तत्पश्चात् राज वीधी के चारों ओर स्वर्ण सिंह वाहन उत्सव होगा।

२८ मार्च २०१७ से वसंत नवरात्री प्रारंभ हुआ-
२८ मार्च २०१७ से श्रीमठ वसंत नवरात्री प्रारंभ हुआ।दोनो पूज्यश्री आचार्य विशेष नवरात्री पूजा करेंगे । श्रीविध्या हवन,आवरान पूजा हवन,श्री राम शडाक्शरी हवन,श्रीमद् वाल्मिकी रामायण मूल पारायण ,दमनकोत्सव एवं अन्य हवन किये जायेंगे । नवमी एवं दशमी के दिन श्री राम नवमी एवं श्री राम पट्टाभिषेक किया जायेगा। इससे पहले, श्रद्देय स्वामीजी के दिव्य उपस्थिति मे युगादि ,पंचांग पादन एवं पंचांग पूजा किया गया।

१४ से १९ अप्रेल २०१७ को गोवा के गोमान्तक तिरुपती बालाजी मंदिर का वार्षिक ब्रह्मोत्सव होगा-
पूज्यश्री शंकराचार्य स्वामीजी के आशीर्वाद से १४ से १९ अप्रेल २०१७ तक गोवा के गोमान्तक तिरुपती बालाजी मंदिर का वार्षिक ब्रह्मोत्सव होगा।विभिन्न हवन,पूजाएँ एवं उत्सव होंगे।

२३३ मार्च २०१७ को दोनो पूज्यश्री आचार्य का पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया
श्री बंगारू कामाक्षी अम्बाल मंदिर,तन्जावूर के कुंबाभिषेक के पश्चात् श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी काँचीपुरम वापस पधारे।परंपरा के अनुसार श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत किया गया।श्रद्देय पूज्यश्री शंकराचार्य स्वामीजी ,श्री कामाक्षी अम्बाल मंदिर गये।


१९३० मे विजय यात्रा पर श्री महा पेरियवा ने श्री सिद्दीष्वर ( श्री सिद्दीष्वर मंदिर प्रयाग के देवता) की प्रशंसा मे अष्टकम् बनाया था। https://youtu.be/I06zAxgC5ks

तन्जावूर के बंगारू कामाक्षी अम्मन मंदिर का २३ मार्च २०१७ को कुंबाभिषेक किया गया-
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी द्वारा २३ मार्च २०१७ प्रात:काल को तन्जावूर के बंगारू कामाक्षी अम्मन मंदिर का कुंबाभिषेक किया गया।

वरुण होम सम्पन्न हुआ-
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने कावेरी नदी के तट पर वरुण होम को आरंभ करने का आशीर्वाद दिया।

२२ मार्च २०१७ ,पीटारोहन जयंती के अवसर पर स्वर्ण पाद पूजा किया गया-
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी के पीटारोहन जयंती के शुभ अवसर पर श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने आचार्य का स्वर्ण पाद पूजा किया।कुंबाभिषेक के अवसर पर बंगारू कामाक्षी अम्मन पर एक पुस्तक का विमोचन किया गया।

२२ मार्च १९५४ पीटारोहन जयंती
२२ मार्च को श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी का पीटारोहन जयंती है।आज ही के दिन सन् १९५४ मे श्रद्देय परमाचार्य पूज्यश्री चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती महास्वामिजी ने श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी का सन्यासकाल मे प्रारंभ करवाया था।


२० मार्च २०१७ को तन्जावूर मे पूर्णकुंभ एवं पारंपरिक रूप से श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी का स्वागत किया गया।

बंगारू कामाक्षी मंदिर ,तन्जावूर मे २० मार्च २०१७ को यागशाला पूजा प्रारंभ हुआ
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी के दिव्य उपस्थिति मे बंगारू कामाक्षी अम्मन मंदिर मे २० मार्च को प्रात: काल ,९ बजे यागशाला मे प्रथम काल पूजा प्रारंभ हुआ।

१९ मार्च २०१७ को श्रीमठ कैप तंजावूर पहुँचा -
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,संध्याकाल को दिन्डीवनम से निकलकर ८ बजे तक तन्जावूर पहुँचे । तन्जावूर पहुँचने से पहले रस्ते मे विलुपुरम,तिरुची एवं तिरुमलैसमुद्रम के भक्तजनों ने श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत किया।कामाक्षी ओरियन्टल स्कूल से बंगारू कामाक्षी अम्मन मंदिर तक हाथी,मंगल वाद्य एवं वेद पारायण के साथ जुलूस निकला। श्रद्देय स्वामीजी ने बंगारू कामाक्षी अम्मन एवं यागशाला को अनुग्रहित किया।मंदिर के श्रीकार्यकर्ता श्री कुंचितपादम ने श्रद्देय स्वामीजी को मंदिर मे कुंबाभिषेक के लिये किये गये विभिन्न निर्माण कार्यों को दिखाया।यागशाला आरती किया गया एवं श्रद्देय स्वामीजी ने मंदिर द्वार पर दर्शन दिया।

२२ मार्च १९५४ पीटारोहन जयंती
२२ मार्च को श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी का पीटारोहन जयंती है।आज ही के दिन सन् १९५४ मे श्रद्देय परमाचार्य पूज्यश्री चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती महास्वामिजी ने श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी का सन्यासकाल मे प्रारंभ करवाया था।


२० मार्च २०१७ को तन्जावूर मे पूर्णकुंभ एवं पारंपरिक रूप से श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी का स्वागत किया गया।

बंगारू कामाक्षी मंदिर ,तन्जावूर मे २० मार्च २०१७ को यागशाला पूजा प्रारंभ हुआ
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी के दिव्य उपस्थिति मे बंगारू कामाक्षी अम्मन मंदिर मे २० मार्च को प्रात: ९ बजे यागशाला मे प्रथम काल पूजा प्रारंभ हुआ।


पूज्यश्री आचार्र्य ,बंगारू कामाक्षी मंदिर ,तन्जावूर मे हैं। २३ मार्च को कुंबाभिषेक होगा।

१९ मार्च २०१७ को श्रीमठ कैप तंजावूर पहुँचा -
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,संध्याकाल को दिन्डीवनम से निकलकर ८ बजे तक तन्जावूर पहुँचे । तन्जावूर पहुँचने से पहले रस्ते मे विलुपुरम,तिरुची एवं तिरुमलैसमुद्रम के भक्तजनों ने श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत किया।कामाक्षी ओरियन्टल स्कूल से बंगारू कामाक्षी अम्मन मंदिर तक हाथी,मंगल वाद्य एवं वेद पारायण के साथ जुलूस निकला। श्रद्देय स्वामीजी ने बंगारू कामाक्षी अम्मन एवं यागशाला को अनुग्रहित किया।मंदिर के श्रीकार्यकर्ता श्री कुंचितपादम ने श्रद्देय स्वामीजी को मंदिर मे कुंबाभिषेक के लिये किये गये विभिन्न निर्माण कार्यों को दिखाया।यागशाला आरती किया गया एवं श्रद्देय स्वामीजी ने मंदिर द्वार पर दर्शन दिया।


श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी का १८ मार्च २०१७ को दिन्डीवनम मे दिया गया अनुग्रह भाषण- http://kamakoti.org/kamakoti/audio/HH@%20Tindivanam.mp3

१८ मार्च २०१७ को श्रीमठ कैप दिन्डीवनम पहुँचा -
१८ मार्च को श्रीमठ कैप दिन्डीवनम पहुँचा।श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत पूर्णकुंभ के साथ शिव मंदिर मे किया गया जहाँ नित्य पूजा किया जायेगा।

नई दिल्ली मे समस्ती उपनयन-
श्री काँची कामकोटी पीठ के जगत्गुरू श्री शंकराचार्य स्वामीजी के आशीर्वाद से नई दिल्ली मे श्री शंकर जयंती के अवसर पर ,सन् १९७५ से प्रति वर्ष समस्ती उपनयन का आयोजन किया जाता रहा है।यह दिन श्री काँची आचार्य द्वारा निश्चित किया जाता है।इस वर्ष शंकर जयंती ३० अप्रेल को है एवं श्री पेरियवा के आदेशानुसार ,समस्ती उपनयन ,शंकर जयंती के शुभावसर पर ३० अप्रेल २०१७ ,रविवार को किया जायेगा। इसलिये ,यह ४३ वाँ समस्ती उपनयन ,३० अप्रेल २०१७ ,रविवार को "काँची कामकोटी भवन-दिल्ली ", श्री देवी कामाक्षी मंदिर,जे एन यू के सामने ,ईस्ट गेट,ए-११, अरुना असफ अलि मार्ग ,नई दिल्ली ११० ०६७ मे किया जायेगा। अधिक जानकारी के लिये सम्पर्क करे- २५७४२६०७/९८७१७६५७२७/४१८०२५०७/२६८९०५०८/२२७२०७९७/२२७७०८१५/२६८६५५१३ कृपया २५ अप्रेल से पहले रेजिस्टर करें


३० मार्च २०१७ को श्री कामाक्षी अम्बाल मंदिर मे मन्डलाभिषेक पूर्ती किया गया।


श्री कामाक्षी अम्बाल मंदिर ,काँचीपुरम मे २४-२६ मार्च २०१७ को अखण्ड ललिता सहस्रनाम पारायण किया जायेगा।

श्री बंगारू कामाक्षी अम्बाल मंदिर ,तंजावूर का २३ मार्च २०१७ को महाकुंबाभिषेक
तंजावूर के श्री बंगारू कामाक्षी अम्बाल मंदिर का पुनरावर्तन जीर्नोद्दारन महाकुंबाभिषेक ,२३ मार्च २०१७ को काँची कामकोटी पीठ के जगत्गुरू पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी द्वारा मीन लग्न मे किया जायेगा( पंगुनी महीने के दसवीं दिन ,गुरुवार,उत्तराड नक्षत्र ,प्रात: ९.२० से ११ बजे तक) कुंबाभिषेक ,१७ मार्च ,शुक्रवार ,श्री विगणेश्वर पूजा एवं यागशाला पूजा के साथ प्रारंभ होगा।२० से २३ मार्च २०१७ को विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम होगें।

८ मार्च २०१७ को मद्दूर मे कुंबाभिषेक किया गया-
८ मार्च २०१७ को श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती स्वामीजी के उपस्तिथी मे तमिलनाडू के तिरुत्तनी के निकट स्थित मद्दूर ग्राम के मद्दूर अम्मन मंदिर का कुंबाभिषेक किया गया।

४ मार्च २०१७ को श्रद्देय स्वामीजी काँची के पास के प्राचीन मंदिर गये-
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एकानमपेट्टई के निकट,काँचीपुरम से १० कि मी के दूरी पर स्थित नवस्पेट मे स्थित श्री सेल्वनायकी अम्बाल समेत नवनिधीश्वर मंदिर गये। यह मंदिर प्रकृति के विनाश के कारण नष्ट हो रहा है।श्रद्देय स्वामीजी के आशीर्वाद से मंदिर के तिरुकोविल वलीपाट्टू कूलू ने मंदिर को साफ़ किया एवं भक्तजनों के आने जाने लिये सुलभ व्यवस्था की। श्रद्देय स्वामीजी ने अनुग्रह भाषण मे कहा की "तोन्डैमन्डलम"( काँचीपुरम ज़िला) को "तोन्डू मण्डलम" (सेवा क्षेत्र)बनना चाहिये।जैसे विशेष आर्थिक क्षेत्र बनाया गया है ,उसी प्रकार मंदिरों के नवनिर्मान के लिये विशेष विशेष सेवा क्षेत्र होना चाहिये।आधुनिक तकनीक एवं सुविधाओं से मंदिरों एवं परंपराओं को मदद मिलनी चाहिये।

श्रीमठ मे मार्च २०१७ मे होने वाली विशेष पूजाएँ
१० मार्च-शुक्रवार-प्रदोष पूजा ११ मार्च-शनिवार- पूर्नीमा पूजा २७ मार्च-सोमवार- श्रद्देय पूज्यश्री सुदर्शन महादेवेन्द्र सरस्वती स्वामीजी-इल्लयतांगुडी परात्पर गुरु आराधना २८ मार्च-मंगलवार-उगादी ३,१०,१७२४,३१ मार्च -शुक्रवार-शुक्रवार पूजा

२७ फरवरी २०१७ को ६७ वे आचार्य का आराधना दिवस मनाया गया-
२७ फरवरी २०१७ को श्री काँची कामकोटी पीठ के ६७ वे आचार्य श्रद्देय पूज्यश्री महादेवेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी का आराधना दिवस श्रीमठ मे मनाया गया।श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती स्वामीजी कलवै मे स्थित ६७ वे आचार्य के अधिष्ठान गये एवं पूजा किया।

२० फरवरी २०१७ को श्रद्देय स्वामीजी तिरुमला मे थे
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने श्री वेंकटेश्वरस्वामी मंदिर ,तिरुमला मे प्रार्थना किया तत्पश्चात ,श्रद्देय स्वामीजी धार्मिक सदा को अनुग्रहित किया।

२० फरवरी को दोनो पूज्यश्री आचार्य धार्मिक सदा को अनुग्रहित करेंगे -
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने २० फरवरी २०१७ को धार्मिक सदा को अनुग्रहित किया। इसका आयोजन तिरुमला के अस्थान मण्डप मे आन्द्र प्रदेश एन्डोव्मेट डिपार्टमेट के हिन्दू परिरक्षण ट्रस्ट द्वारा टीटीडी के साथ किया गया है। यह सदा दो सत्र मे होगा। पहला ,सोमवार को प्रात: ९.३० बजे तिरुमला के अस्थान मण्डप मे प्रारंभ होगा।

१९ फरवरी २०१७ - अनुषम - स्वर्ण रथोत्सव
अनुषम नक्षत्र के अवसर पर ,१९ फरवरी २०१७ को श्रीमठ मे स्वर्ण रथोत्सव मनाया गया।

१८ फरवरी २०१७ को नाद समर्पन
श्री कामाक्षी अम्बाल मंदिर के मण्डलाभिषेक के अवसर पर १० फरवरी से ३० मार्च २०१७ तक पहले श्रीमठ मे तत्पश्चात् श्री कामाक्षी अम्बाल मंदिर मे नाद समर्पन किया जायेगा।१८ फरवरी २०१७ को विद्वान श्री नेइवेली सन्दानगोपाल एवं उनके साथ आए कलाकारों ने शास्त्रीय संगीत का कार्यक्रम प्रस्तुत किया।


श्री चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती VII : श्री काँची कामकोटी पीठ के ६६ वे स्वामी थे।श्री आचार्य का पूर्व नाम स्वामीनाथ था।वे उदयमबाक्कम के रहने वाले थे।उनकी मुक्ती ,सन् १९०७ मे कृष्णाष्ठमी के दिन मघा मास मे हुई थी। पूज्यश्री आचार्य का आराधना दिवस १८ फरवरी को श्रीमठ मे मनाया गया।

१८ फरवरी २०१७ को पूज्यश्री आचार्य कलवै गये-
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शङ्कराचार्य स्वामीजी कलवै गये एवं माघकृष्णा अष्टमी के दिन काँची कामकोटी पीठ के ६६ वे आचार्य श्रद्देय पूज्यश्री चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती स्वामीजी -VII के अधिष्ठान पर पूजा किये।

१८ फरवरी २०१७ को ६६ वे आचार्य का आराधना मनाया गया-
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शङ्कराचार्य स्वामिजी एवं पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शङ्कराचार्य स्वामिजी के दिव्य उपस्तिथी मे काञ्चीपुरम के श्रीमठ मे श्री काञ्ची कामकोटी पीठ के ६६ वे आचार्य श्रद्देय पूज्यश्री चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती स्वामिजी VII का आराधना उत्सव मनाया गया ।

१३ फरवरी १३-१५ तक श्रद्देय स्वामीजी स्नर्णवल्ली ,कर्नाटक मे थे-
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी श्री सोन्द स्वर्णवल्ली महासंस्थान , स्वर्ण वल्ली ,कर्नाटक गये एवं रजत महोत्सव को अनुग्रहित किया।श्रद्देय स्वामीजी के उपस्तिथी मे अति रुद्र पूर्नाहूती हुआ।

श्री कामाक्षी अम्बाल मंदिर मे १० फरवरी से ३० मार्च २०१७ को मण्डलाभिषेक किया जायेगा-
श्री कामाक्षी अम्बाल मंदिर मे महा कुंबाभिषेक के पश्चात् १० फरवरी से ३० मार्च २०१७ तक मण्डलाभिषेक किया जायेगा। प्रात:काल ८ से १२ तक-महान्यसपूर्वक एकादश रुद्रम संध्या काल ७ से ८.३० बजे - संगीत कार्यक्रम(नाद समर्पन) ३० मार्च - सहस्रकलशाभिषेक

१० फरवरी २०१७ को नई दिल्ली मे चण्डी हवन-
श्रीगुरुभ्योनमः ।। श्रीचन्द्रमौलीश्वरायनमः ।। श्री काँची कामकोटी पीठ जगत्गुरू श्री शंकराचार्य स्वामीजी श्रीमठ संस्थान विश्वशान्तिमहायज्ञ - चण्डीहवन स्थान श्री काँची कामकोटी पीठ कल्चरल सेन्टर सेक्टर १, राम कृष्ण पुरम,नई दिल्ली श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी के आशीर्वाद से ,हर पूर्नीमा के दिन श्री काँची कामकोटी पीठ कल्चरल सेन्टर ,सेक्टर १, रामकृष्णपुरम ,नई दिल्ली मे चण्डी हवन किया जात।इस माह १० फरवरी को प्रात: काल १० से १ बजे तक हवन किया गया। अधिक जानकारी के लिये सम्पर्क करें-९८४०४-१४७४२ || लोकाःसमस्ताःसुखिनोभवन्तु ||

९ फरवरी २०१७ को कामाक्षी अम्बाल का रजत रथोत्सव हुआ
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी के दिव्य उपस्तिथी मे ९ फरवरी २०१७ को कामाक्षी अम्बाल का रजत रथोत्सव हुआ ।श्री कामाक्षी अम्बाल को चारों राज वीदियों मे रजत रथ मे ले जाया गया।

९ फरवरी २०१७ को श्री कामाक्षी अम्बाल मंदिर का कुंबाभिषेक सम्पन्न हुआ-
काँची कामकोटी पीठाधिपति जगत्गुरू पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं पूज्यश्री विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने श्री कामाक्षी अम्बाल मंदिर ,काँचीपुरम का महाकुंबाभिषेक किया। प्रात:काल ,यागशाला पूजा के पश्चात् कलशों को सभी गोपुरम तक ले जाया गया एवं अभिषेक किया गया। इसके पश्चात् पूज्यश्री आचार्यों ने कामाक्षी अम्बाल,आदी शंकराचार्य एवं अन्य सन्निधियों का अभिषेक किया। कुंबाभिषेक कमेटी के सदस्यों, कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों को वसंत मण्डप मे आयोजित कार्यक्रम मे श्रद्देय स्वामीजी का आशीर्वाद प्राप्त किया।इस अवसर पर एक स्मारक डाक टिकट जारी किया गया।


काँची कामकोटी पीठाधिपति पूज्यश्री शंकराचार्य स्वामीजी द्वारा किया गया श्री कामाक्षी अम्बाल मंदिर का कुंबाभिषेक का वीडियो देखिये- https://www.youtube.com/watch?v=WaehWOeveCg&feature=share


श्री कामाक्षी अम्बाल मंदिर का महाकुंबाभिषेक , ९ फरवरी २०१७ को श्री काँची कामकोटी पीठाधिपति जगत्गुरू पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं जगत्गुरू पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी द्वारा किया गया। यागशाला मे पूजा की समाप्ति के पश्चात् ,शुद्ध जल वाला कलश , विभिन्न गोपुरम तक ले जाया गया और साथ ही मे कुंबाभिषेक भी किया गया।

८ फरवरी २०१७ को कालहस्तीश्वर स्वामी का कुंबाभिषेक हुआ-
श्री कालहस्तीश्वर स्वामी मंदिर का कुंबाभिषेक ,श्री कालहस्ती मे श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी के दिव्य उपस्तिथी मे हुआ।

जयेन्द्रवैभव - श्रीमठ मे चित्रप्रदर्शनी - ७ से ९ फरवरी २०१७ तक
७ से ९ फरवरी २०१७ को काँचीपुरम मे श्रीमठ मे श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामिजी सम्बद्धित मुख्य कार्यक्रमों पर चित्रप्रदर्शनी थी।

अनुग्रह भाषण
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी की श्री कामाक्षी अम्बाल कुंबाभिषेक पर अनुग्रह भाषण। https://www.youtube.com/watch?v=L3jV2ogvOD0&feature=youtu.be

९ मार्च २०१७ को श्रीमठ मे समस्ती उपनयन
श्री काँची कामकोटी पीठ ,काँचीपुरम मे ९ मार्च २०१७ को समस्ती उपनयन का आयोजन किया गया है।अधिक जानकारी के लिये सम्पर्क करें-९००३५४६१८८

श्री कामाक्षी अम्बाल मंदिर का कुंबाभिषेक महोत्सव
६ फरवरी २०१७ का कार्यक्रम प्रात: काल ९ बजे प्रधान देवता कलाकर्षण , यागशाला पूजा-प्रथम काल ११.३० बजे- पूर्नाहुति, दीपाराधना , चतुर्वेद समर्पन संध्या काल ६ बजे- यागशाला पूजा- द्वितीय काल ८ बजे- पूर्नाहुति , दीपाराधना , चतुर्वेद समर्पन ६.३०-८.००-सांस्कृतिक कार्यक्रम - श्री गणेश एवं श्री कुमरेश ( श्री काँची कामकोटी पीठ के आस्थान विद्वान) द्वारा वायलिन कार्यक्रम


श्री कामाक्षी अम्बाल देवस्थान के कुंबाभिषेक के विशय मे ताज़ा ख़बर की जानकारी प्राप्त करने के लिये जाइए http://www.kanchikamakshi.org पर।


४ फरवरी २०१७ को श्री काँची कामाक्षी अम्बाल मंदिर मे वास्तुहवन,रक्षाबन्धन,मृतसंग्रहन एवं अंकुरार्पण किया गया। श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी के उपस्थिति मे पूर्नाहुति किया गया।५ फरवरी २०१७ को यागशाला प्रतिष्ठा किया जायेगा।

३ फरवरी २०१७ को कामाक्षी अम्बाल के कुंबाभिषेक के अवसर पर पारंपरिक करिकोला यात्रा किया गया
कुंबाभिषेक के अवसर पर , करिकोला यात्रा किया गया।जो कलश गोपुरम एवं चाँदी के रथ पर रखा जायेगा ,उन्हे मंदिर के चारों ओर स्थित राज वीदी पर ले जाया गया।

३ फरवरी २०१७ को काँची कामाक्षी मंदिर के कुंबाभिषेक के लिये संकल्प किया गया
३ फरवरी २०१७ को श्री कामाक्षी अम्बाल मंदिर के कुंबाभिषेक महोत्सव के अवसर पर श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी के उपस्थिति मे अनुज्ञा,श्री विश्वेश्वर पूजा,यजमान संकल्प,श्री गणपति हवन एवं श्री नवग्रह हवन किया गया। इस हवन का पूर्नाहूती दोपहर को श्रद्देय पूज्यश्री विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी के उपस्थिति मे हुआ। मंदिर के श्रीकार्य ,स्थानिकाओं एवं अन्य कार्यकर्ताओं ने भिक्षा वन्दना किया।

२ फरवरी २०१७ को कालहस्ती मंदिर के गोपुरम का कुंबाभिषेक
२ फरवरी २०१७ को श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी के दिव्य उपस्थिति मे श्री कालहस्ती मंदिर के गोपुरम का कुंबाभिषेक किया गया।इससे पहले यज्ञशाला पूजा एवं कलश पूजा किया गया था।

श्री कामाक्षी मंदिर की मरम्मत
श्री कामाक्षी मंदिर की मरम्मत पर द हिन्दू पत्रिका मे एक लेख। http://www.thehindu.com/society/history-and-culture/Grand-Restoration/article17141639.ece

३ फरवरी २०१७ को काँची के एतिहासिक मंदिरों का कुंबाभिषेक किया गया-
श्री लक्ष्मनेश्वर स्वामी मंदिर एवं श्री सीतेश्वर स्वामी मंदिर का कुंबाभिषेक , श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी के दिव्य उपस्तिथी मे काँचीपुरम मे किया गया।यह दोनो मंदिरें सर्वतीर्थ तालाब के तट पर स्थित हैं।

२२ जनवरी २०१७ को श्री कालहस्ती मे वृद्धाश्रम की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,२२ जनवरी २०१७ को कालहस्ती मे श्री शंकर मठ द्वारा चलाए जाने वाले वृद्धाश्रम गये।

२२ जनवरी २०१७ को दोनो पूज्यश्री आचार्य श्री कालहस्तीश्वर मंदिर गये
२२ जनवरी २०१७ को श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी श्री कालहस्तीश्वर स्वामी मंदिर गये।दोनो पूज्यश्री आचार्य पाँच दिनों तक इस शहर मे थे,उसके पश्चात् २३ जनवरी को वे काँचीपुरम वापस पधारे।

२२ जनवरी २०१७ को वेंकटगिरी के शिव-विश्णु मंदिर की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने वेंकटगिरी की यात्रा की।भक्तजनों ने पारंपरिक एवं उत्साहपूर्वक रूप से उनका स्वागत किया।श्रद्देय स्वामीजी वहाँ शिव -विश्णु मंदिर गये।

फरवरी २०१७ मे श्रीमठम् मे होने वाली विशेष पूजाए एवं कार्यक्रम -
१ फरवरी- बुधवार- बसंत पँचमी ३ फरवरी- शुक्रवार-रत सप्तमी ८ फरवरी- बुधवार-प्रदोष पूजा ९ फरवरी- गुरुवार-श्री कामाक्षी अम्बाल मंदिर, काँचीपुरम मे कुंबाभिषेक १० फरवरी-शुक्रवार- पूर्नीमा पूजा १८ फरवरी-शनिवार-श्रद्देय पूज्यश्री चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती स्वामीजी ( कलवै परमेष्ठी गुरु) आराधना २३ फरवरी-गुरुवार-श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी जयंती महोत्सव २४ फरवरी -शुक्रवार- प्रदोष पूजा २४ फरवरी- शुक्रवार-महाशिवरात्री २७ फरवरी-सोमवार-श्रद्देय पूज्यश्री महादेवेन्द्र सरस्वती स्वामीजी ( कलवै परमगुरू ) आराधना ३,१०,१७,२४ फरवरी- शुक्रवार-शुक्रवार पूजा

१ फरवरी २०१७ को श्री कालहस्ती के श्री कालहस्तीश्वर स्वामी मंदिर के राज गोपुरम का प्रतिष्ठापन-
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने १ फरवरी २०१७ को श्री कालहस्ती ,आन्द्र प्रदेश के श्री कालहस्तीश्वर स्वामी मंदिर के राज गोपुरम के प्रतिष्ठापन को अनुग्रहित किया। ८ फरवरी को श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी के उपस्थिति मे यहा कुंबाभिषेक किया जायेगा।

२१ जनवरी २०१७ को श्रद्देय स्वामीजी कालहस्ती पहुँचे -
२१ जनवरी २०१७ को श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी श्री कालहस्ती क्षेत्र पहुँचे । भक्तजनों एवं मंदिर के अधिकारियों द्वारा उनका स्वागत पारंपरिक रूप से किया गया।

२२ जनवरी २०१७ को श्रद्देय स्वामीजी वेंकटगिरी के शंकर मठ गये-
२२ जनवरी २०१७ को श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी वेंकटगिरी के श्री शंकर मठ गये।श्रद्देय स्वामीजी ने भक्तजनों को अनुग्रह भाषण दिया।

२२ जनवरी २०१७ को वेंकटगिरी मे शंकर मठ एवं कन्निका परमेश्वरी की यात्रा
२२ जनवरी २०१७ को श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी वेंकटगिरी के श्री शंकर मठ एवं श्री कन्निका परमेश्वरी मंदिर गये।

२१ जनवरी २०१७
श्रद्देय स्वामीजी के हाल ही मे सम्पन्न यात्रा के समय कालहस्ती मे गिरिवलम् किया गया।यह परिक्रमा २३ कि मी का था।यह परिक्रमा २३ कि मी की है।शंकरान्ती एवं शिवरात्रि उत्सव के समय इस राह से श्री कालहस्तीश्वर को ले जाया जाता है।इस राह को साफ़ रखने की प्रयास की जा रही है ताकी भक्तजन यहा से सरलता पूर्वक जा सके।यहा दो ऐतिहासिक मण्डपें हैं।एक मण्डप मे बावड़ी हैं।श्रद्देय स्वामीजी ने इस प्रयास को सराहा।श्री कालहस्तीश्वर स्वामी देवस्थान के चेयरमेन एवं ई ओ भी श्रद्देय स्वामीजी के साथ गिरीवलम के लिये आये।श्रद्देय स्वामीजी ने गिरिवलम् के रास्ते के ग्राम वासियों को आशीर्वाद दिया।श्रद्देय स्वामीजी ,रास्ते मे स्थित सहस्र लिंग कुण्ड काली अम्मावारी मंदिर गये। श्रद्देय स्वामीजी ने उन महिलाओं को आशीर्वाद दिया जिन्होंने कलमकारी एवं वस्त्रों मे दशावतार चित्र का प्रदर्शन किया । यह प्रदक्षिना प्रात: काल प्रारंभ हुआ, इसलिये श्रद्देय स्वामीजी ने खेतों मे काम कर रहे किसानों को भी आशीर्वाद दिया।प्रदक्षिना के पश्चात् ,श्रद्देय स्वामीजी श्रीमठ कैंप वापस आ गये एवं नित्य पूजा किया।

९ फरवरी २०१७ को श्री काँची कामाक्षी अम्बाल मंदिर का कुंबाभिषेक
श्री काँची कामाक्षी अम्बाल की जीर्नोद्दारन अष्टबन्धन महाकुम्भाभिषेक स्वस्तिश्री दुर्मुख-मकर माह की सत्ताईसवी तिथि ( गुरुवार,९ फरवरी ) को श्री काँची कामकोटि पीठाधिपति जगत्गुरू पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं जगत्गुरू पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी के हाथो से किया जायेगा। कुंबाभिषेक के कार्यक्रम ३ फरवरी २०१७ को अनुज्ञा, श्री गणपति पूजा,संकल्प,गणपति हवन एवं नवग्रह हवन से प्रारंभ होगे । ९ तारिक को महा कुंबाभिषेक , प्रात:काल ९ से १० बजे के बीच होगा। कुंबाभिषेक के सभी दिनों को विशेष धार्मिक एवं सासंकृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है।

२० जनवरी को श्रद्देय स्वामीजी ने राष्ट्रीय एमिनेन्स अवार्ड कार्यक्रम को अनुग्रहित किया
२० जनवरी को मुम्बई मे श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने १६वाँ एन ई एस जगत्गुरू शंकराचार्य श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती स्वामीजी राष्ट्रीय एमिनेन्स अवार्ड कार्यक्रम को अनुग्रहित किया।इस पुरस्कार के प्राप्तकर्ताओं को श्रद्देय स्वामीजी ने आशीर्वाद दिया।यह पुरस्कार को विभिन्न क्षेत्रों के प्रख्यात लोगों को दिया गया।

२० जनवरी २०१७ को श्रद्देय स्वामीजी मुम्बई के महालक्ष्मी मंदिर गये
२० जनवरी २०१७ को श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी मुम्बई के महालक्ष्मी मंदिर गये।

यात्रा सम्पन्न हुआ- दोनो पूज्यश्री आचार्य २३ जनवरी २०१७ को काँचीपुरम पहुँचे -
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,अपने आन्द्र प्रदेश एवं तेलंगाना की विभिन्न शेत्रों ,ग्रामों एवं शहरों की यात्रा के पश्चात् ,२३ जनवरी को काँचीपुरम पहुँचे । पूज्यश्री आचार्य ,अपने नित्य पूजा के पश्चात् ,श्री कालहस्ती से निकलेंगे ।परंपराओं के अनुसार ,पूज्यश्री आचार्य स्वामीजी को काँचीपुरम शहर के द्वार पर स्वागत किया जायेगा।


श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी २० जनवरी २०१७ को एस आई ई एस कालेज ,मुम्बई के हनुमान मंदिर गये।

२० जनवरी २०१७ को भूमी पूजा किया गया
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने श्री सुब्रमनीयन सेवा समाज, सम्पदा,नवी मुम्बई मे २० जनवरी २०१७ के प्रात:काल ६ बजे किये गये भूमी पूजा को आशीर्वाद दिया।

२० जनवरी २०१७ को माटुंगा शंकर मठ मे पूर्नाहूती
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी के दिव्य उपस्थिति मे ,मातुंगा के शंकर मठ मे पूर्नाहूती की गयी।

१९ जनवरी २०१७ को पूज्यश्री स्वामीजी मारुबाई गाँवदेवी गये
१९ जनवरी २०१७ को श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी मारुबाई गाँवदेवी गये । इस मंदिर का कुंभाभिषेक एवं कलश स्थापना श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी द्वारा ११ फरवरी वर्ष २००० को किया गया था।

१९ जनवरी २०१७ को श्रद्देय स्वामीजी अास्तीक समाज गये-
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,१९ जनवरी २०१७ को मुंबई के अास्तीक समाज गये । वहाँ अन्होने भक्तजनों को आशीर्वाद दिया।


श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने एन ई एस संस्थानों ( सरस्वती विद्या भवन, फ़ार्मेसी कालेज ,डोंबिवली ,मुंबई) को १९ जनवरी २०१७ को आशीर्वाद दिया।


१२-१२-२०१६ से १३-०१-२०१७ को स्वामीमलै मे हुए वेद पारायण http://www.kamakoti.org/kamakoti/news/2017/Swamimalai-Veda-Parayanam-Jan-2017.html


श्री चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती विश्व महाविद्यालय ,काँचीपुरम मे हुए त्यागराज आराधना का सीधा प्रसारण देखिए https://youtu.be/mMQu2YyjIJw

१८ जनवरी २०१७ को श्रद्देय स्वामीजी ,मुम्बई मे स्टार्ट टॉप फ़ेस्ट को अाशिर्वाद दिया
श्रद्दा पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी , १८ जनवरी २०१७ को रत्नम् कालेज आफ आर्ट,साइंस एण्ड कामर्स मे हुए राष्ट्रीय लेवल स्टार्ट अप फ़ेस्ट को अनुग्रहित किया। यह कार्यक्रम इन्डियन मरचेन्ट चेम्बर,एन ई एस काम्प्लक्स, बान्द्रा के उद्योगपतियों के सहयोग द्वारा किया गया।

श्रद्देय स्वामीजी १८ जनवरी २०१७ को मुम्बई के भजन समाज गये
१८ जनवरी २०१७ को श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी , मुम्बई के भजन समाज गये।श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत पारंपरिक पूर्ण कुंभ के साथ किया गया।श्रद्देय स्वामीजी ने भक्त जनों को आशीर्वाद दिया।

१८ जनवरी २०१७ को श्रद्देय स्वामीजी चेम्बूर मुरुगन मंदिर गये-
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,१८ जनवरी २०१७ को चेम्बूर , मुम्बई के श्री मुरुगन मंदिर गये।

१८ जनवरी २०१७ को श्रद्देय स्वामीजी ,मुम्बई मे स्टार्ट टॉप फ़ेस्ट को अाशिर्वाद देंगे
श्रद्दा पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी , १८ जनवरी २०१७ को रत्नम् कालेज आफ आर्ट,साइंस एण्ड कामर्स मे होने वाले राष्ट्रीय लेवल स्टार्ट अप फ़ेस्ट को अनुग्रहित करेंगे। यह कार्यक्रम इन्डियन मरचेन्ट चेम्बर,एन ई एस काम्प्लक्स, बान्द्रा के उद्योगपतियों के सहयोग द्वारा किया जा रहा है।

श्रद्देय स्वामीजी ,मुम्बई मे हैं-
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,मुम्बई मे है। श्रद्देय स्वामीजी ,शंकर मठम् एवं सिद्दी विनायक मंदिर ,दादर गये।

१८ जनवरी से २३ जनवरी २०१७ तक श्रीमटम् कैंप कालहस्ती मे रहेगा-
श्रीमटम् कैंप ,जो अभी अलिपिरी ,तिरुपती मे स्थित है ,१८ से २३ जनवरी २०१७ को श्री कालहस्ती क्षेत्र मे रहेगा।दोनो पूज्यश्री आचार्य कालहस्ती मे रहेंगे एवं कालहस्ती मन्दिर के निकट स्थित पूजा मण्डप मे नित्य पूजा करेंगे। उसके पश्चात् श्रद्देय स्वामीजी २३ जनवरी २०१७ को श्रीमटम् ,काँचीपुरम वापस आयेंगे ।

गो रक्षा
श्रद्देय पूज्यश्री चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती महास्वामिगल द्वारा गो रक्षा पर १२ जनवरी १९३३ को दी गयी उपदेश http://www.kamakoti.org/kamakoti/articles/Go-Samrakshana-Cow-Protection-Discourse.html

पोंगल त्योहार
http://www.kamakoti.org/tamil/KKPradeep17.htm

८ जनवरी २०१७ ,वैकुण्ठ एकादशी के दिन पैलर- राम मंदिर की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने पैलर शहर के अन्दर स्थित श्री राम मंदिर के नवीकरण को आशीर्वाद दिया।यह मंदिर सरकारी स्कूल / डिग्री कालेज के निकट स्थित है और यही पर पूज्यश्री आचार्य १९८३/८४ मे ठहरे थे।

१४ जनवरी २०१७ को श्रद्देय स्वामीजी तिरुचानूर मंदिर गये
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी , १४ जनवरी ,प्रात:काल को तिरुचानूर के श्री पद्मावती अम्मावारु मंदिर गये एवं पूजा किये।

१४ जनवरी २०१७, मकर शंकरान्ती को श्रद्देय स्वामीजी तिरुपती के कपीलेश्वरस्वामी मंदिर गये-
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी तिरुपती के कपिलतीर्थम मे स्थित श्री कपीलेश्वरस्वामी मंदिर गये।वहाँ उन्होने मकर शंकरान्ती के शुभ अवसर पर श्री कामाक्षी अम्बाल समेत श्री कपीलेश्वरस्वामी की प्रार्थना की।

८ जनवरी २०१७ को वैकुण्ठ एकादशी के अवसर पर वेंकटेश्वरस्वामी की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री स्वामीजी वेंकटेश्वरस्वामी मंदिर स्वामीजी के मंदिर की यात्रा की।यह मंदिर पैलर के बाहर,पैलर - कड़प्पा हाईवे मे एक छोटे से पहाड़ी पर स्थित है।विशेष आरती किया गया।काँची आचार्य के आशीर्वाद से कुछ वक़्त पूर्व इस मंदिर का कुंभाभिषेक किया गया था।यह वही रास्ता है जिसमे १९८३-८४ को काँची परमाचार्या ,श्री पेरियवा एवं श्री बाल पेरियवा काँची से करनूल गये थे। श्रद्देय स्वामीजी ने मंदिर के सामने स्थित ,एक कल्यान मन्डप का उद्घाटन किया। उन्होने सबको आशीर्वाद दिया एवं अनुग्रह भाषण दिया।

१४ जनवरी २०१६ को मकर शंकरान्ती की पूजा
मकर शंकरान्ती के शुभ अवसर पर तिरुपती मे श्रीमटम् कैंप मे श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने आज पूजा किया।आज धनुर मास का पूजा समाप्त हुआ।आज ही उत्तरायण प्रारंभ हुआ है

६ जनवरी २०१७ को दोनो पूज्यश्री आचार्य तिरुमला मंदिर गये-
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,तिरुमला श्री वेंकटेश्वरस्वामी मंदिर गये।मंदिर के पुजारी एवं प्राधिकारियो ने श्रद्देय स्वामीजी का पारंपरिक रूप से स्वागत किया। मंदिर तक का जुलूस मंगलवाद्य एवं हाथी के साथ गया।मंदिर के द्वार के निकट स्थित आंजनेय सन्निधि मे प्रार्थना करने के पश्चात् श्रद्देय स्वामीजी ने मुख्य मंदिर मे प्रार्थना किया।श्रद्देय स्वामीजी ने श्री वेंकटेश्वरस्वामी का चमर सेवा पूजा किया।श्रद्देय स्वामीजी को मंदिर की ओर से सम्मानित किया गया।श्रद्देय स्वामीजी के साथ भक्तजनों ने भी श्री वेंकटेश्वरस्वामी का दर्शन किया।

श्रद्देय स्वामीजी ने अम्बाल एवं गुरू के प्रवचन को आशीर्वाद दिया-
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने तिरुपती के श्री सामवेद शनमुग शर्मा के प्रवचन को आशीर्वाद दिया।यह प्रवचन मुख पँचाष्टी , कामाक्षी वैभव एवं जगत्गुरू कटाक्षम् पर था।

श्रद्देय स्वामीजी ने तिरुमला ३१ दिसंबर २०१६ को नाद नीरांजनम् कार्यक्रम को आशीर्वाद दिया-
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने तिरुमला मे नाद नीरांजनम् कार्यक्रम को आशीर्वाद दिया। श्री शंकर विद्यालय ,ईस्ट ताम्बरम् के छात्रों द्वारा श्री जयेन्द्र विजयम् नामक नृत्य नाटिका प्रस्तुत किया गया।श्रद्देय स्वामीजी ने प्रतिभागियों एवं दर्शकों को आशीर्वाद दिया। इससे पहले श्रद्देय स्वामीजी ने तिरुमला के श्री वेंकटेश्वर स्वामी के उत्सव मे भाग लिया।

४ जनवरी २०१७ को श्री काँची अंबाल मंदिर ,कुम्भाभिषेक - आशीर्वाद की प्रार्थना
श्रीकार्यम ,स्तानीकों एवं अन्य भक्तजनों ने श्री कामाक्षी अम्बाल मंदिर ,काँचीपुरम मे ९ फरवरी को होने वाली कुम्भाभिषेक के पत्रिका को श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी के आशीर्वाद के लिये प्रस्तुत किया।श्रीमटम् कैंप ,अभी पादुका मण्डप ,तिरुपती मे है। श्रद्देय स्वामीजी को मंदिर का प्रदान प्रदान किया गया।

श्रीमठम् मे २०१७ जनवरी महीने मे होने वाली विशेष पूजाएँ
८ जनवरी- रविवार- वैकुण्ठ एकादशी १० जनवरी - मंगलवार- प्रदोष पूजा ११ जनवरी - बुधवार - आरुद्रा अभिषेक ,पूर्णिमा पूजा १३ जनवरी - शुक्रवार- भोगी १४ जनवरी - शनिवार - मकर शंकरान्ती ,पोंगल,दनुर्मास पूजा की समाप्ति २५ जनवरी - बुधवार - प्रदोष पूजा ६,१३,२०,२७ जनवरी - शुक्रवार पूजा

श्री कामाक्षी मंदिर पर पुस्तक - तस्वीरों के लिये अनुरोध
श्री कामाक्षी मंदिर पर एक पुस्तक प्रकाशित करने की योजना है।इस विशय मे ,सभी भक्तजनों से मंदिर के विशय मे उप्लब्द तस्वीरें एवं प्रासंगिक सामग्रियों को एकत्रित किया जा रहा है।भक्तजन जिनके पास एसी तस्वीरें एवं अन्य सामग्री है , उनसे अनुरोध है कि kamakshidevasthanam@gmail.com मे योगदान करें।

८ दिसंबर २०१६ को बोप्पाडु ग्राम की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,प्रात: काल ८ बजे बोप्पाडु ग्राम पहुँचे और उसके पश्चात् चेन्ना केशवा स्वामी मंदिर को अनुग्रहित किया।यह ग्राम विजयवाडा-ओंगोल के नेशनल हाईवे से २ कि मी की दूरी पर स्थित है और विजयवाडा से १०० कि मी पर है।इस ग्राम मे प्रसिद्द श्री वेंकटेश्वरस्वामी मंदिर है। श्रद्देय स्वामीजी श्री चेन्ना केशव मंदिर गये । अनुग्रह भाषण के पश्चात् ,श्रद्देय स्वामीजी बोप्पाडु से ७५ कि मी पर स्थित ओंगोल के लिये निकल पड़े।

२५ दिसंबर २०१६ को आराधना महोत्सव
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी के दिव्य उपस्तिथी मे श्रद्देय पूज्यश्री चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती महास्वामिगल का आराधना महोत्सव ,२५ दिसंबर को मनाया गया।

८ दिसंबर २०१६ को श्रद्देय स्वामीजी ने ललिता पीठम् को अनुग्रहित किया
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने विजयवाडा - गुन्टूर हाइवे मे स्थित ललिता पीठम् को अनुग्रहित किया।विशेष आरती किया गया।श्रद्देय स्वामीजी ने अनुग्रह भाषण दिया एवं ओंगोल के रास्ते मे स्थित बोपाडु ग्राम गये।

२३ दिसंबर २०१६ को तिरुमला की यात्रा
२३ दिसंबर २०१६ को श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,तिरुमला मे वेंकटेश्वरस्वामी मंदिर गये।श्रीमटम् कैंप ,अभी श्री काँची कामकोटी पादुका मण्डप ,रामकृष्ण मार्ग, अलिपिरी, तिरुपती मे है।

८ दिसंबर २०१६ को तेनाली की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी विजयवाडा से तेनाली शहर गये।श्रद्देय स्वामीजी शिवालयम् गये एवं भक्तजनों को अनुग्रह भाषण दिया। उसके पश्चात् श्रद्देय स्वामीजी विजयवाडा - गुन्टूर नेशनल हाईवे मे स्थित लीला पीठम् गये।

श्रद्देय स्वामीजी का ८ दिसंबर २०१६ को कृष्ण समुद्र संगम की यात्रा
प्रात:काल को श्रद्देय स्वामीजी ,हँसलादीवी मे श्री वेनुगोपालस्वामी मंदिर गये।भक्तजन एवं अर्चकाओं ने पूर्णकुंभ से श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत किया।नैवैद्य एवं आरती के साथ श्री वेनुगोपालस्वामी अष्टोत्तरम् किया गया।यह बहुत ही प्राचीन मंदिर है जिसका उल्लेख श्री कृष्ण महात्म्य मे है।श्रद्देय स्वामीजी ,वहाँ के विभिन्न मूर्तियों को देखा। उसके पश्चात् श्रद्देय स्वामीजी शिवालयम् गये जो एक और प्राचीन मंदिर है जिसका उल्लेख श्री कृष्ण महात्म्यम् मे किया गया है। मंदिर यात्रा के पश्चात् ,श्रद्देय स्वामीजी ,हँसलादीवी से १० कि मी पर स्थित संगम गये । यह बहुत ही सुन्दर रास्ता था जिसके दोनो ओर दलदली भूमी थी।४ कि मी तक कोइ रोड नहीं है और बंगाल की खाड़ी के रेतीला तट पर ही जाना पड़ता है।स्थानीय लोगों का कहना है श्री मंडली बुद्ध प्रसादजी के प्रयास से ही यहा रोड एवं कुछ बिल्डिंगों बन पाई हैं। सूर्योदय के समय सब कृष्ण समुद्र संगम पहुँचे । वह स्थान बहुत ही शांत एवं सुन्दर था।यहाँ हाल ही मे कृष्ण पुष्कर के समय यात्रीगनों के लिये निर्मित कुछ बिल्डिंगे हैं।विभिन्न सूचना बोर्ड भक्तजनों को संगम की गहराई के विशय मे सूचित करता है।शुरुवाती ३ फ़ीट उथला क्षेत्र है ,उसके पश्चात् गहराई ३० से ५० फ़ीट तक पहुँच जाता है। श्रद्देय स्वामीजी ने स्नान से पहले कृष्ण नदी की विशेष पूजा की।वस्त्र ,स्वर्ण ,दक्षिना दान एवं अनुष्ठान किया।श्रद्देय स्वामीजी ने अनुष्ठान तीर्थ को कृष्ण नदी माता (जो संगम के तट पर हैं)पर छिड़का और विजयवाडा के लिये निकल पड़े।इन सब के वक़्त आन्द्र प्रदेश के डेप्यूटी स्पीकर श्री मण्डली बुद्ध प्रसाद साथ मे थे। इस दिन एक पूर्ति की भावना थी क्योंकि श्रद्देय स्वामीजी ने विजयवाडा मे चातुर्मास के समय कृष्ण नदी महात्म्यम् पर प्रवचन दिया था।कृष्न महात्म्यम् मे बताये गये कुछ स्थान देखे एवं संगम मे शास्त्रों के अनुसार सब किया गया।श्रद्देय स्वामीजी के प्रयास एवं अनुग्रह से ही कनक दुर्गा अम्मावारी देवस्थान मे कृष्ण पुष्कर के अवसर पर कृष्ण नदी महात्म्यम् को दुबारा प्रकाशित किया गया।कृष्ण नदी के विषय मे विभिन्न कहावतें एवं कलाकृतियों को श्रद्देय स्वामीजी के कहने पर प्रकाशित किया गया है।श्रद्देय स्वामीदी ने आन्द्र प्रदेश की यात्रा चातुर्मास मे कृष्ण पुष्कर के लिये प्रारंभ किया था, तब से लेकर अब तक श्रद्देय स्वामीजी ने कृष्ण ,गोदावरी ,विजयनगर जिले एवं एकादशी के दिन संगम मे स्नान किया है।

७ दिसंबर २०१६ को अवनीगदा मे गायत्री मंदिर की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,स्थानीय ब्राह्मण संगम द्वारा निर्मित श्री गायत्री मंदिर गये।विशेष आरती किया गये एवं श्रद्देय स्वामीजी ने अनुग्रह भाषण भी दिया। उसके पश्चात् श्रद्देय स्वामीजी कोडुरू से होते हुए हँसलादेवी गये। आन्द्र प्रदेश के डेप्टी स्पीकर श्री मण्डली बुद्ध प्रसाद भी साथ मे गये। हँसलादेवी ,कृष्ण - समुद्र स्नान से ८ से १० कि मी से पहले स्थित ,एक छोटा ग्राम है। इस ग्राम मे श्री वेनुगोपालस्वामी मंदिर एवं एक शिवालयम् है।इस ग्राम एवं इन मंदिरों का उल्लेख श्री कृष्ण महात्म्यम् मे है । श्री कृष्ण महात्म्यम् मे ,कृष्ण नदी की महाराष्ट्र के सह्याद्रि पर्वत से आरंभ होके हँसलादेवी के निकट बंगाल की खाड़ी से मेल का वर्णन है।

७ दिसंबर २०१६ को दोनो श्रद्देय स्वामीजी की अवनीगदा की यात्रा
७ दिसंबर २०१६ को श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी अवनीगदा शहर गये। श्रद्देय स्वामीजी ,दोपहर को मछिलीपट्टनम् से निकले एवं चेल्लपल्ली शहर से ४० किमी पर स्थित अवनीगदा पहुँचे।श्री मन्डली बुद्ध प्रसाद ( आन्द्र प्रदेश के डिप्टी स्पीकर) के नेतृत्व मे भक्तजनों ने श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत किया।वे पहले कृष्ण घाट पहुँचे जहाँ उन्होने एक पट्टिका का उद्घाटन किया जो काँची परमाचार्य एवं पूज्य श्री पेरियवा के साठ के दशक के अंत मे यात्रा के स्मरण मे रखा गया था। तत्पश्चात् श्रद्देय स्वामीजी गाँधी टाउन हाल गये एवं श्री मण्डली बुद्ध प्रसाद के निवेदन पर वहाँ के स्थानीय लोगों द्वारा आयोजित कार्यक्रम को अनुग्रहित किया।श्रद्देय पेरियवा ने सबको आशीर्वाद दिया एवं श्री बाल पेरियवा ने अनुग्रह भाषण दिया। उसके बाद श्रद्देय स्वामीजी ने लंकम्मा मंदिर काम्प्लक्स के अन्दर स्थित मण्डप का उद्घाटन किया।श्रद्देय पेरियवा उसके बाद विजयवाडा मे कैंप की ओर प्रस्थान कर गये और श्री बाल पेरियवा अवनीगदा यात्रा के लिये निकल पड़े।

१६ दिसंबर २०१६ को पर्वतमलै गिरिवलम्
१६ दिसंबर २०१६ को पर्वतमलै गिरिवलम् https://www.youtube.com/watch?v=kLwRvMTyMVM

सर्पवारम् मंदिर की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,सर्पवारम् मे श्री भावनारायण स्वामी मंदिर गये जो काकीनाड़ा शहर के बाहर स्थित है।यह मंदिर एक प्राचीन क्षेत्र है । भगवान विष्णू ने श्री नारद महरिशी को यही पर आशीर्वाद दिया था जब उन्हें शाप से विमोचन मिला था।नारद महरिशी के अनुरोध पर भगवान श्री महा विश्णु ने भक्तजनों को आशीर्वाद देने के लिये वहीं आश्रय ले लिया । वहाँ मंदिर के सामने एक प्राचीन तालाब है जहाँ श्री नारद महरिशी ने स्नान किया था। इस मंदिर की विशेषता पटल नारायण स्वामी का मंदिर है जो मुख्य मंदिर के पीछे स्थित है। श्रद्देय स्वामीजी ,मंदिर के गोशाला भी गये।

२ दिसंबर २०१६ को गोलिंगेश्वर स्वामी मंदिर की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,ओलपल्ली ग्राम से ४ कि मी की दूरी पर स्थित बिक्कवोलू ग्राम के श्री गोलिंगेश्वर स्वामी मंदिर गये।यह बहुत ही प्राचीन मंदिर है जिसमें अति सुन्दर शिल्प एवं गोपुरम् है।यहाँ श्री गोलिंगेश्वर स्वामी ,पार्वती अम्मावारु एवं सुब्रमन्य स्वामी का मंदिर है।यह मंदिर सुब्रमन्य स्वामी क्षेत्र के लिये प्रसिद्द है। श्रद्देय स्वामीजी ने यहाँ पूजा एवं आरती किया। तत्पश्चात् श्रद्देय स्वामीजी काकीनाड़ा जाके पूजा किये।

काकीनाड़ा मे शिवा मंदिर एवं इरगवरम् मे वेद पाठशाला की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,काकीनाड़ा मे शिव मंदिर गये एवं वहाँ से ९० कि मी की दूरी पर स्थित तानुकु के लिये निकल पड़े। श्रद्देय स्वामीजी संध्याकाल ६.४५ को तानुकु पहुँचे। तत्पश्चात् श्रद्देय स्वामीजी ,इरगवरम् गये जो ८ कि मी पर स्थित एक प्राचीन अग्रहार है । श्रद्देय स्वामीजी ने एक नयी भवन के उद्घाटन को अनुग्रहित किया ,इस भवन को श्री काँची परमाचार्य का नाम दिया गया है जो श्री पेरियवा साथ आन्द्रा यात्रा के समय यहा आये थे । श्रद्देय स्वामीजी ने नये भवन को आशीर्वाद दिया। अद्यापक ,विद्यार्थी एवं दान कर्ताओ को इस अवसर पर सम्मानित किया गया।इसके पश्चात् श्रद्देय स्वामीजी यहा के प्राचीन शिव मंदिर गये और रात्रि तानुकु वापस आ गये। दिसंबर ४ तारिक को श्रद्देय स्वामीजी अई भीमावरम् के लिये निकल पड़े।

१५ दिसंबर से श्रीमटम् कैंप तिरुपती शंकर मटम् मे रहेगा-
अभी श्रीमटम् कैंप तिरुपती मे है।१४ संध्याकाल को दोनो पूज्यश्री आचार्य तिरुपती पहुँचे । श्रद्देय स्वामीजी नित्य चन्द्रँमौलीश्वर पूजा श्री काँची कामकोटी पीटम् पादुका मन्डप ,रामकृष्ण आश्रम रोड,अलिपिरी के निकट,तिरुपती मे करेंगे।

२ दिसंबर २०१६ को ओलपल्ली मे कम्यूनिटी हाल का उद्घाटन
ओलपल्ली ग्रास मे श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने एक कम्यूनिटी हाल के उद्घाटन समारोह को अनुग्रहित किया।इस हाल के मुख्य दानकर्ता श्री शंकरम दम्पतुल्लू ने श्रद्देय स्वीमीजी का पाद पूजा किया एवं श्रद्देय स्वामीजी का आशीर्वाद प्राप्त किया। http://in.kamakoti.org/kamakoti/news/2016/Shankaracharya-Community-Hall-Inauguration.html

२ दिसंबर २०१६ को ओलपल्ली मे प्राचीन शिव मंदिर की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजीस,२ दिसंबर २०१६ को ओलपल्ली ग्राम को अनुग्रहित किया।यह एक पुराना अग्रहार है जहाँ पर प्राचीन शिव मंदिरसगये।यह ग्राम काकीनाड़ा से २० कि मी की दूरी पर स्थित है। श्रद्देय स्वामीजी शिव मंदिर गये एवं वहाँ आरती किये।

१ दिसंबर २०१६ को पुरोहित संगम की भेंट
श्रद्देय पूज्यश्री विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी के आशीर्वाद से काकीनाड़ा शहर मे १ दिसंबर २०१६ को पुरोहितों का एक भेंट आयोजित किया गया।श्रद्देय स्वामीजी ने अनुग्रह भाषण दिया एवं धर्म एवं सनातन धर्म के लिये उनके सेवाओं को सराहा।लगभग ६० पुरोहितों के परिवार ने इसमे भाग लिया।श्रद्देय स्वामीजी ने सबको आशीर्वाद दिया एवं वेद सार संग्रहम् जैसी पुस्तकें वितरित की।

१ दिसंबर २०१६ को श्रद्देय स्वामीजी की गोशाला की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,काकीनाड़ा के गोशाला गये।इस गोशाला का निर्माण श्री चन्गती कोटीश्वर राव ने शांत वातावरण एवं नवीनतम् और प्राचीन तकनीकों के मेल से किया है।भक्तजनों के सहूलियत के लिये प्रदक्षिना मार्ग एवं घास प्रदान स्थान बनाया गया है।काँची परमाचार्या के लिये गोशाला मे पूजा मण्डप एवं ध्यान मन्दिर भी है।बछड़े के जन्म के लिये प्रसुतिक गृह ,इस गोशाला की विशेषता है।श्रद्देय स्वामीजी ने गायों को घास खिलाया। श्रद्देय स्वामीजी गोशाला के चारों ओर गये एवं उन्होने भक्तजनों को अनुग्रह भाषण भी दिया।श्रद्देय स्वामीजी ने श्री चगन्ती कोटीश्वर राव जी को सराहा और कहा की गो रक्षण के माद्यम् से वे काँची परमाचार्य को विशेष समर्पन प्रदान कर रहे है । http://www.kamakoti.org/kamakoti/articles/Go-Samrakshana-Cow-Protection-Discourse.html

१ दिसंबर २०१६ को श्रद्देय स्वामीजी ने डाक्टरों की बैठक को अनुग्रहित किया
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने काकीनाड़ा मे विशेष डाँक्टरो की बैठक को बाल अस्पताल मे अनुग्रहित किया।अपने ४० मिनट के अनुग्रह भाषण मे श्रद्देय स्वामीजी ने आरोग्य भारत एवं समस्त भारतीय नागरिकों के लिये उच्चतम् चिकित्सा की प्राप्ति के विषय पर ज़ोर दिया।

३० नवंबर २०१६ को विनायक मंदिर की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने काकीनाड़ा मे श्रीमटम् कैंप के निकट स्थित श्री विनायक मंदिर को अनुग्रहित किया।इस मंदिर का निर्माण कई वर्ष पहले श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी के दिव्य आशीर्वाद से बनाया गया था।

३० नवंबर २०१६ को काकीनाड़ा
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,३० नवंबर २०१६ को समालकोट से काकीनाड़ा पहुँचे । भक्तजनों ने श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत छतरम्, छमारम् एवं अन्य परंपराओं से की।काकीनाड़ा कैंप के समय श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती स्वामीजी का स्वर्ण पाद पूजा किया गया था।

२९ नवंबर २०१६ को कुमाररामम् मे पँचराम क्षेत्र की यात्रा
२८ नवंबर २०१६ ,संध्याकाल को श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,कुमाररामम् -भीमेश्वर स्वामी मंदिर स्वामी मंदिर गये।यह स्थान एक प्रसिद्द पँचराम क्षेत्र है।श्रद्देय स्वामीजी ने भीमेश्वर स्वामी एवं बाल त्रिपुर सुन्दरी अम्मावारी मंदिरों मे विशेष पूजा किया। मंदिर के मुख्य अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों ने श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत किया। इससे पहले श्रद्देय स्वामीजी ने श्रीमटम् कैंप मे पाँचवे काल के कार्तिक सोमवार पूजा एवं एकादष रुद्र अभिषेक पूजा किया।

२९ नवंबर २०१६ को हनुमान एवं अम्मावारी मंदिर की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,२९ नवंबर २०१६ संध्याकाल को समालकोट मे आंजनेय स्वामी एवं अम्मावारी मंदिर गये।

२९ नवंबर २०१६ को कोलंका ग्राम की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वीमीजी ,अपने ,अमावस्य के दिन गोदावरी-समुद्र संगम स्नान के समय यानम के यात्रा के समय,कोलंक ग्राम गये।यह ग्राम यानम से ५ कि मी की दूरी पर स्थित है। वहाँ श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत बड़े ही उत्साह से अनेक ग्राम वासियों ने श्री पुलुगुरता व्यग्रेश्वरशर्मा जी ने साथ शिव मंदिर मे स्वागत किया।गाँव के बुज़ुर्गों ने सन् १९३० के उन दिनों के विषय मे बताया जब काँची परमाचार्या वहाँ पधारे थे। श्रद्देय पूज्यश्री स्वामीजी ने अनुग्रह भाषण दिया एवं वहाँ के वासियों को आशीर्वाद दिया तत्पश्चात् समालकोट मे श्रीमठम् कैंप की ओर प्रस्थान किया।

२९ नवंबर २०१६ को समालकोट मे आगमन
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,श्रीमटम् कैंप के साथ समालकोट मे श्री गणपति शास्त्री के निवास स्थान पर २९ नवंबर २०१६ ,प्रात:काल पहुँचे।श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत पूर्णकुंभ ,कोलाट्टम्,मंगल वाद्यम् इत्यादि के साथ पारंपरिक रूप से किया गया।

२६ नवंबर २०१६ को राजमुन्दरी मे शिव-पार्वती कल्यान उत्सव
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने राजमुन्दरी मे शिव पार्वती कल्यानोत्सवम् कार्यक्रम को आशीर्वाद दिया।

दीपोत्सव मे अनुग्रह भाषण
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने राजमुन्दरी मे दीपोत्सव कार्यक्रम को आशीर्वाद दिया। श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने भक्तजनों को अनुग्रह भाषण दिया। https://www.youtube.com/watch?v=B_PCBHvTuPY&feature=youtu.be

राजमुन्दरी मे दीपोत्सव
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने राजमुन्दरी मे दीपोत्सव कार्यक्रम को आशीर्वाद दिया। यह कार्यक्रम टी वी ५ द्वारा आयोजित किया जा रहा है। https://youtu.be/yg8gvM4kvyU?t=52s

२६ नवंबर २०१६ को अग्निहोत्र शाला की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने राजमुन्दरी के अग्नि गोत्र शाला को अनुग्रहित किया एवं अग्निहोत्री परिवार को आशीर्वाद दिया। श्री आदी शंकरा भगवद्पादाचार्य ने अपने श्लोक " सोपान पंचकम्" मे जन कल्यान के लिये ४० उपदेश दिये हैं जिसमें से प्रथम दो वेदों नित्यमदीयताम् तदुदितम् कर्म स्वनुष्तीयतम् मे है। इसका अर्थ है की मनुष्यों को प्रतिदिन वैदिक कार्य करना चाहिये । आज के काल मे श्री शंकरा के इस उपदेश का पालन अग्निहोत्रियों द्वारा किया जाता है। श्रद्देय स्वामीजी का विशेष रूप से मानना है की अग्निहोत्रियों द्वारा किये गये यग्यों का लाभ सभी के लिये है। इसलिये प्रतिवर्ष चातुर्मास मे अग्निहोत्र सदा का आयोजन किया जाता है।

२६ नवंबर २०१६ को शिवा विष्णू मंदिर की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने राजमुन्दरी के दीवान चेरुवु मे स्थित श्री शिवा विष्णू मंदिर की यात्रा की।श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत ,पारंपरिक पूर्णकुंभ से किया गया।सभी सन्निधियों मे दीपाराधना किया गया।

२६ नवंबर २०१६ को वल्लभ गणपति मंदिर की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने राजमुन्दरी के श्री वल्लभ गणपति मंदिर की यात्रा की।श्री सामवेद शनमुग शर्मा ने श्रद्देय स्वामीजी की मंदिर मे स्वागत की।

२६ नवंबर २०१६ को वेद पाठशाला की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने राजमुन्दरी के वेद पाठशाला को अनुग्रहित किया।श्रद्देय स्वामीजी ने विद्यार्थियो, भक्तों ,अद्यापको को अनुग्रह भाषण एवं आशीर्वाद दिया।

२५-२७ नवंबर २०१६ को राजमुन्दरी मे श्रीमठम् कैंप
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी , २५ से २७ नवंबर २०१६ तक रहे थे।

२५ दिसंबर २०१६ को सिकन्दराबाद मे आराधना महोत्सव
श्रद्देय पूज्यश्री चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती महास्वामिगल - श्री काँची कामकोटी पीठम् के ६८ वे आचार्य का आराधना महोत्सव २५ दिसंबर २०१६ को श्री काँची कामकोटी शंकर मंदिर हनुमान मंदिर ,स्कन्दगिरी ,सिकन्दराबाद मे मनाया जायेगा।

१७-२९ दिसंबर २०१६ को सिकन्दराबाद मे हनुमत्जयंती
श्री काँची कामकोटी शंकर मंदिर हनुमान मंदिर ,स्कन्दगिरी ,सिकन्दराबाद मे १७ से २९ दिसंबर २०१६ तक हनुमत् जयंती मनाया जायेगा। उत्सव का आरंभ ,१७ दिसंबर २०१६ को श्री गणपति लक्षारचना के साथ किया जायेगा एवं २९ दिसंबर को हनुमत् जयंती के दिन विशेष पूजाओं के साथ समाप्ति किया जायेगा।

२३-२५ दिसंबर २०१६ को श्रद्देय पूज्यश्री महास्वामीगल का २३वाँ आराधना महोत्सव
२५ दिसंबर २०१६ को श्रद्देय पूज्यश्री चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती महास्वामिगल- श्री काँची कामकोटी पीटम् के ६८ वे स्वामीजी ,का २३ वाँ आराधना महोत्सव ,श्रीमटम् के पवित्र वृन्दावन मे मनाया जायेगा।
 २३ दिसंबर २०१६ ,शुक्रवार को आराधना महोत्सव पेरारंभ होगा । इन सभी दिनों को वेद पारायण ,वेद विद्वत सदा,भजन एवं धार्मिक प्रवचनों का आयोजन किया गया है।
 आराधना के दिन(२५/१२/२०१६) को प्रात:काल ७ बजे से जन कल्याण के लिये एकादश रुद्र जाप एवं विशेष होम का आयोजन किया गया है। वृन्दावन मे दोपहर १२ से १ तक वसोरदरा,पूर्नाहूती एवं महाभिषेक किया जायेगा।सुबह ९ बजे पँचरत्न क्रिती प्रारंभ होगा। 
भक्तजनों से निवेदन है की इसमे भाग लेकर श्रद्देय स्वामीजी का आशीर्वाद प्राप्त करे।

दैवत्तिन कुरल
श्रद्देय स्वामीजी के आशीर्वाद से दैवत्तिन कुरल अब भक्तजनों द्वारा अंग्रेज़ी एवं तमिल के आडियो मे उप्लब्द है। http://www.kamakoti.org/kamakoti/audio/DeivattinKural/Deivattin-Kural-Tamil-English-Audio.htmld

५ दिसंबर २०१६ को भीमावरम् मे सुब्रमन्य शष्टि
५ दिसंबर २०१६ को श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने पाठशाला के विद्यार्थियों को आन्द्र प्रदेश मे सुब्रमन्य शष्टि के अवसर पर आशीर्वाद दिया।अद्यापको को भी श्रद्देय स्वामीजी ने आशीर्वाद दिया।

६ दिसंबर २०१६ , मछिलीपट्टनम् मे श्रीमटम् कैंप
श्रद्देय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी , ६ दिसंबर २०१६ को मछिलीपट्टनम् के शंकर मटम् पहुँचे। वेद विद्यार्थियों ने प्रात:काल पूज्यश्री आचार्यों के उपस्थिति मे वेद मंत्र जापा।

श्री देवी कामाक्षी मंदिर, दिल्ली में वार्षिक लक्षारचना
श्री देवी कामाक्षी मंदिर, दिल्ली में वार्षिक लक्षारचना, सोमवार २८ नवंबर २०१६ को प्रारंभ हुआ एवं शनिवार १० दिसंबर २०१६ को समाप्त होगा। लक्षारचना के अवसर पर सुबह शाम,सहस्रनाम अर्चना किया जायेगा। प्रातःकाल को शोदस तिथि नित्य होम किया जाएगा। पिछले वर्ष के ही समान ,संध्याकालीन समय श्री देवी कामाक्षी की विशेष अलंकार की जाएगी। इसका विवरण नीचे दिया गया है। कार्तिक मास पूर्णिमा(१३ दिसम्बर २०१६) प्रातःकाल, दस कलश एकवार रूद्र जप अभिषेक, तत्पश्चहात् दीपराधना एवं नववर्ण पूजा किया जाएगा। ११ दिसंबर २०१६ को लक्षारचना के समाप्ति के पश्चात् कार्तिक मास चण्डी होम किया जायेगा। १३ दिसंबर २०१६ ,मंगलवार को सर्वालय दीप है।

२९ नवंबर को यानम की यात्रा
श्रद्धेय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकरचार्या स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेंद्र सरस्वती शंकरचार्या स्वामीजी ने कार्तिक मास्य अमावास्या स्नान , यानम में किया जहाँ गोदावरी नदी एवं बंगाल की खाड़ी मिलते हैं।यानम , पुदुच्चेरी का हिस्सा है।श्रद्देय स्वामीजी समर्लकोटा से प्रात:काल निकले एवं ७.३० बजे तक यानम पहुँचे। श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत पुरोहित एवं भक्तजनों ने किया।अक्षय निधी डिपार्टमेट ने स्नान की व्यवस्था की थी। भक्तजनों ने भी स्वामीजी के साथ इस पुण्य स्नान मे भाग लिया। तत्पश्चात ,श्रद्देय स्वामीजी ने नदी तट पर शिवलिंग पूजा किया एवं उस लिंग को "चन्द्रँमौलीश्वर " नाम दिया। वहाँ के स्थानीय लोगों ने उस लिंग को श्रद्देय स्वामीजी के आशीर्वाद से प्रतिष्ठित करके यानम मे एक मंदिर बनाने का प्रस्ताव रखा है। श्रद्देय स्वामीजी उसके पश्चात् समरकोट मे श्रीमटम् कैंप वापस आए एवं पूजा किये।

२९ नवंबर को यानम की यात्रा
श्रद्धेय पूज्यश्री जयेन्द्र सरस्वती शंकरचार्या स्वामीजी एवं श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेंद्र सरस्वती शंकरचार्या स्वामीजी ने कार्तिक मास्य अमावास्या स्नान , यानम में किया जहाँ गोदावरी नदी एवं बंगाल की खाड़ी मिलते हैं।यानम , पुदुच्चेरी का हिस्सा है।श्रद्देय स्वामीजी समर्लकोटा से प्रात:काल निकले एवं ७.३० बजे तक यानम पहुँचे। श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत पुरोहित एवं भक्तजनों ने किया।अक्षय निधी डिपार्टमेट ने स्नान की व्यवस्था की थी। भक्तजनों ने भी स्वामीजी के साथ इस पुण्य स्नान मे भाग लिया। तत्पश्चात ,श्रद्देय स्वामीजी ने नदी तट पर शिवलिंग पूजा किया एवं उस लिंग को "चन्द्रँमौलीश्वर " नाम दिया। वहाँ के स्थानीय लोगों ने उस लिंग को श्रद्देय स्वामीजी के आशीर्वाद से प्रतिष्ठित करके यानम मे एक मंदिर बनाने का प्रस्ताव रखा है। श्रद्देय स्वामीजी उसके पश्चात् समरकोट मे श्रीमटम् कैंप वापस आए एवं पूजा किये।

२५ नवंबर २०१६ को अन्नावरम् पाठशाला की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी , ने विशाखापत्तनम् से राजमुन्दरी जाते समय अन्नावरम् देवस्थान के "सीता सदन" मे रात्रि पड़ाव डाला।वहाँ श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत ,मंदिर के अर्चकों,पंडितों,चैरमेन एवं ई ओ ने किया। २५ तारिक को प्रात: काल, श्रद्देय स्वामीजी को पाठशाला बिल्डिंग बनाने के लिये निर्धारित स्थान दिखाया गया।चैरमेन,ई ओ एवं वास्तुकार ने ,श्रद्देय स्वामीजी को योजना का विवरण दिया एवं श्रद्देय स्वामीजी से आशीर्वाद लिया।श्रद्देय स्वामीजी तत्पश्चात् ,राजमुन्दरी के लिये निकल पड़े।

२४ नवंबर २०१६ को युनी की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती स्वामीजी , तुनी स्वामी के आश्रम गये।यह आश्रम ताण्डव नदी के तट पर तुनी शहर मे स्थित है। तुनी स्वामी ने श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत किया एवं आश्रम दिखाने ले गये।श्रद्देय स्वामीजी के दिव्य पादुकाओं का पाद पूजा किया गया।श्रद्देय स्वामीजी ने अनुग्रह भाषण दिया ।

२५ नवंबर २०१६ को अन्नावरम् पाठशाला की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी , ने विशाखापत्तनम् से राजमुन्दरी जाते समय अन्नावरम् देवस्थान के "सीता सदन" मे रात्रि पड़ाव डाला।वहाँ श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत ,मंदिर के अर्चकों,पंडितों,चैरमेन एवं ई ओ ने किया। २५ तारिक को प्रात: काल, श्रद्देय स्वामीजी को पाठशाला बिल्डिंग बनाने के लिये निर्धारित स्थान दिखाया गया।चैरमेन,ई ओ एवं वास्तुकार ने ,श्रद्देय स्वामीजी को योजना का विवरण दिया एवं श्रद्देय स्वामीजी से आशीर्वाद लिया।श्रद्देय स्वामीजी तत्पश्चात् ,राजमुन्दरी के लिये निकल पड़े।

२४ नवंबर २०१६ को श्रद्देय स्वामीजी की वैजाक स्टील प्लान्ट मे शिवालयम् की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ,ने वैजाक स्टील प्लान्ट के अन्दर स्थित शिवालयम् को अनुग्रहित किया।श्रद्देय स्वामीजी का स्वागत कारपरेशन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया गया।उनके साथ सी एम डी श्री मधुसूदन भी थे।भक्तजनों ने कोलाट्टम् एवं भजन प्रस्तुत किया।श्रद्देय स्वामीजी ने मंदिर की प्रदक्षिना की एवं विशेष रूप से वहाँ मंदिर मे बनाया गये विभिन्न पौराणिक घटनाओं पर आधारित चित्रों को देखा।सभी स्थानों पर विशेष आरती की गयी। श्रद्देय स्वामीजी ने भक्तजनों को अनुग्रह भाषण एवं आशीर्वाद दिया।

२४ नवंबर २०१६ को पद्मशाली कम्यूनिटी हाल की यात्रा
श्रद्देय पूज्यश्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीजी ने नवनिर्मित पद्मशाली कम्यूनिटी हाल को अनुग्रहित किया।यह स्थान ,विशाखापत्तनम् मे शंकर मटम् के सामने ही स्थित है।श्रद्देय स्वामीजी ने भक्तजनों को अनुग्रह भाषण दिया।

श्रीमटम् कैंप का आन्द्र प्रदेश मे कार्यक्रम
१-३ दिसंबर- काकीनाड़ा ४-५ दिसंबर-अईभीमावरम् ६-७ दिसंबर-मछिलीपट्टनम् ८ दिसंबर-विजयवाडा ९-१० दिसंबर-ओंगोल ११-१४ दिसंबर-नेल्लूर १५ दिसंबर से तिरुपती


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