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Shankara Jayanti Mahotsavam celebrated at Srinagar, Jammu & Kashmir


3 to 11 May 2016, Srinagar (J&K)
With the benign blessings of Pujyashri Shankaracharya Swamigals of Shri Kanchi Kamakoti Peetam, Shankara Jayanti Mahotsavam was celebrated at Srinagar in Jammu & Kashmir. Veda Sammelan was conducted from 3rd to 11th May at Jyeshta Mata Mandir. Rigveda Samhita Havan, Chatur Veda Parayanam, Ramayana Navaham, Agnihotram and Visesha Havans were performed by Vedic Scholars. On Sri Shankara Jayanti Day - Vaishakha Shukla Panchami - 11 May 2016, Abhishekam, Arachana and Parayanam was done at Shankaracharya Hill. Adi Shankara Avatara Ghatta Parayanam was performed. Veda Parayana Purti and Poornahuti took place on the Jayanti day. It is important to observe that with the benign blessings of Pujyashri Acharyas, Shankara Jayanthi is being celebrated annually at Shankaracharya Hill in Kashmir since 2011, and each year's programme is uniquely designed with different Veda Shakhas and other stotras being chanted.
The team of more than 40 Vedic Scholars and Devotees visited other important sacred places like Pandrethan, Avantipur etc. in Srinagar and its vicinity and performed Veda Parayanam for Loka Kshema.
काँची कामकोटी पीटम् के पूज्यश्री शंकराचार्य स्वामीजी के आशीर्वाद से जम्मू कश्मीर के श्रीनगर मे शंकर जयंती महोत्सव मनाया गया।
३ से ११ मई तक ज्येष्ठ माता मंदिर मे वेद सम्मेलन का आयोजन किया गया। वेदिक पंडितों द्वारा रिगवेद सम्हित हवन,चतुर वेद पारायण,रामायण नवाहम्, अग्निहोत्र एवं विशेष हवन किया गया। ११ मई २०१६ को श्री शंकर जयंती दिवस (वैशाख शुक्ल पंचमी) के दिन शंकराचार्य पर्वत मे अभिषेक ,अर्चना एवं पारायण किया गया। आदि शंकरा अवतार घट्टा पारायण किया गया।जयंती दिवस के दिन वेद पारायण पूर्ती एवं पूर्नाहूती किया गया। श्रद्देय पूज्यश्री आचार्यों के आशीर्वाद से , २०११ से प्रति वर्ष ,कश्मीर के शंकराचार्य पर्वत मे शंकर जयंती मनाया जा रहा है। प्रत्येक वर्ष ,विभिन्न वेद शाखाएँ एवं स्तोत्र बोले जाते हैं।
इस यात्रा मे ४० से भी अधिक वेदिक विद्वान एवं भक्तजन सम्मिलित हुए। उन्होने पंड्रेतन,अवंतीपुर आदि स्थानों का भी दर्शन किया और लोक समृद्धि के लिए वेद पारायण भी किया।









































































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